पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने वाले बी.टी. देशमुख को अमरावती कभी नहीं भूलेगी
पूर्व सीजेआय भूषण गवई का प्रतिपादन, सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

* विदर्भ के विकास और सिंचन आंदोलन में योगदान को किया याद
अमरावती/दि.29– विदर्भ के सिंचन अनुशेष को समाप्त करने के लिए आजीवन संघर्ष करने वाले, पूर्व विधायक एवं शिक्षाविद् प्रो. बी.टी. देशमुख को शनिवार को आयोजित सामूहिक श्रद्धांजलि सभा में भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस अवसर पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कहा कि अमरावती और बडनेरा के नागरिकों को लगभग 60 किलोमीटर दूर मोर्शी तहसील के सिंभोरा स्थित अपर वर्धा बांध का पानी उपलब्ध कराने में प्रो. बी.टी. देशमुख की महत्वपूर्ण भूमिका रही. ऐसा ऐतिहासिक कार्य करने वाले व्यक्ति को कोई भी अमरावतीकर कभी नहीं भूल सकता.
श्री शिवाजी शिक्षण संस्था तथा नागपुर यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (नुटा) द्वारा पीडीएमसी परिसर स्थित श्री छत्रपति शिवाजी महाराज सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में शिक्षाविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे. सभा की अध्यक्षता श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के अध्यक्ष हर्षवर्धन देशमुख ने की. इस अवसर पर प्रो. बी.टी. देशमुख की धर्मपत्नी सुशीलाताई देशमुख तथा नुटा के अध्यक्ष प्रवीण रघुवंशी भी मंच पर उपस्थित थे.
इस अवसर पर अपने संबोधन में न्या. भूषण गवई ने कहा कि बी.टी. देशमुख और गवई परिवार के बीच अत्यंत घनिष्ठ संबंध थे. वे केवल एक राजनेता या शिक्षक नहीं, बल्कि विदर्भ के विकास के लिए समर्पित एक दूरदर्शी व्यक्तित्व थे. सिंचन, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. उन्होंने कहा कि विदर्भ में सिंचन अनुशेष दूर करने के लिए देशमुख ने विधान परिषद में लगातार आवाज उठाई और किसानों के हितों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनके प्रयासों से क्षेत्र में जल संसाधनों के विकास को नई दिशा मिली.
कार्यक्रम का संचालन डॉ. किशोर फुले ने किया, जबकि अध्यक्षीय समापन भाषण में हर्षवर्धन देशमुख ने प्रो. बी.टी. देशमुख, शिक्षामहर्षि पंजाबराव देशमुख तथा श्री शिवाजी शिक्षण संस्था के बीच रहे ऐतिहासिक संबंधों पर प्रकाश डाला. श्रद्धांजलि सभा भावुक माहौल में संपन्न हुई, जहां उपस्थित लोगों ने प्रो. बी.टी. देशमुख के सामाजिक, शैक्षणिक और जनहितकारी कार्यों को सदैव स्मरण रखने का संकल्प व्यक्त किया.
* केंद्रीय मंत्री गडकरी ने भेजा रिकॉर्डेड संदेश
सभा में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का रिकॉर्डेड संदेश भी सुनाया गया. गडकरी ने कहा कि प्राध्यापक रहते हुए बी.टी. देशमुख ने नुटा के अध्यक्ष के रूप में शिक्षकों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया. बाद में वे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद के सदस्य चुने गए और वहां भी उन्होंने शिक्षा तथा विदर्भ के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया. गडकरी ने विशेष रूप से विदर्भ के सिंचन अनुशेष को समाप्त करने के लिए देशमुख द्वारा किए गए कार्यों को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा.
* अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने दी श्रद्धांजलि
श्रद्धांजलि सभा में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे, विज्युक्टा के अध्यक्ष डॉ. अविनाश बोर्डे, महापौर श्रीचंद तेजवानी, पूर्व शिक्षा मंत्री वसंत पुरके, विधायक संजय खोडके, सांसद बलवंत वानखड़े, पूर्व सांसद अनंत गुढे, पूर्व मंत्री सुनील देशमुख सहित विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने संस्मरण साझा किए. वक्ताओं ने कहा कि प्रो. बी.टी. देशमुख ने शिक्षा, सामाजिक न्याय, शिक्षक आंदोलन और विदर्भ के विकास के लिए जो कार्य किए, वे उन्हें जननेता और जनशिक्षक के रूप में अमर बनाते हैं.
* राज्यभर से पहुंचे अनुयायी
सभा में महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से उनके सहयोगी, प्रशंसक, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. वक्ताओं ने उनके सादगीपूर्ण व्यक्तित्व, संघर्षशील जीवन और समाज के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि बी.टी. देशमुख का जाना विदर्भ की सार्वजनिक जीवन की एक बड़ी क्षति है.