अमरावती में व्यापारियों व होटल व्यवसायियों की जागरूकता कार्यशाला

प्लास्टिक प्रतिबंध कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए

अमरावती/दि.30- स्वच्छ, हरित और प्रदूषणमुक्त अमरावती के निर्माण तथा महाराष्ट्र अविघटनशील कचरा अधिनियम-2006 एवं राज्य सरकार द्वारा प्लास्टिक एवं थर्माकोल से बनी प्रतिबंधित वस्तुओं पर लगाए गए प्रतिबंध के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मंगलवार को अमरावती महानगरपालिका और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में जागरूकता एवं मार्गदर्शन कार्यशाला आयोजित की गई.
विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में शहर के व्यापारी, होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, कैटरिंग व्यवसायी तथा विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया. कार्यशाला में प्लास्टिक प्रतिबंध कानून के पालन, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर दिया गया. कार्यक्रम में महापौर श्रीचंद तेजवानी, मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा, अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक, सहायक आयुक्त भूषण पुसतकर तथा महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के प्रादेशिक अधिकारी संजय डी. पाटील, उपप्रादेशिक अधिकारी डॉ. योगिनी बालंखे, क्षेत्र अधिकारी डॉ. प्रियश्री देशमुख, जितेंद्र पुरते और विशाल जाधव उपस्थित रहे. अतिरिक्त आयुक्त शिल्पा नाईक ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण तेजी से बढ़ती पर्यावरणीय समस्या है, जिस पर नियंत्रण के लिए जनजागरूकता और कानून का सख्ती से पालन आवश्यक है. उन्होंने व्यापारियों और व्यवसायियों से प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग से बचने तथा पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की.
कार्यशाला में प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों ने बताया कि किन प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध है, किनका उपयोग नियमों के तहत अनुमत है तथा उत्पादकों, वितरकों, विक्रेताओं, व्यापारियों और उपभोक्ताओं की क्या जिम्मेदारियां हैं. अधिकारियों ने प्लास्टिक प्रदूषण के पर्यावरण, नदियों, जलस्रोतों, वन्यजीवों, जैव विविधता और मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की भी जानकारी दी. साथ ही सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध, प्लास्टिक कैरी बैग के लिए निर्धारित माइक्रॉन मानक, पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक के उपयोग, प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण, संग्रहण, परिवहन और अधिकृत रिसाइक्लिगं केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई.
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि प्लास्टिक प्रतिबंध कानून का उल्लंघन करने पर जांच, प्रतिबंधित सामग्री की जब्ती, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कार्यशाला में उपस्थित व्यापारियों एवं व्यवसायियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान भी किया गया. महापौर श्रीचंद तेजवानी ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज गंभीर पर्यावरणीय चुनौती बन चुका है. इससे निपटने के लिए शासन, प्रशासन, व्यापारी और नागरिकों को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी. उन्होंने सभी व्यापारियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों से प्लास्टिक प्रतिबंध नियमों का पालन करते हुए पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने का आह्वान किया.
मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने कहा कि प्लास्टिक प्रतिबंध कानून का प्रभावी पालन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यापारियों और नागरिकों का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमरावती मनपा प्लास्टिक मुक्त शहर के लक्ष्य को लेकर लगातार जनजागरूकता, निरीक्षण और अभियान चलाएगी तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मनपा ने शहर के सभी व्यापारी, होटल, रेस्टोरेंट, भोजनालय, कैटरिंग व्यवसायियों और नागरिकों से प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग, भंडारण, बिक्री और वितरण पूरी तरह बंद कर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की है. साथ ही स्वच्छ, हरित और सतत अमरावती के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का भी आह्वान किया गया ह

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