94 हजार करोड़ की अनुपूरक मांगों पर बच्चू कडू का सवाल
दिव्यांगों, चरवाहों और मजदूरों के लिए विशेष प्रावधान की मांग

अमरावती/दि.1– महाराष्ट्र विधान परिषद में 94 हजार करोड़ रुपये की अनुपूरक मांगों पर चर्चा के दौरान विधायक बच्चू कडू ने दिव्यांगों, चरवाहों, पुनर्वास प्रभावितों और मजदूरों के मुद्दे जोरदार ढंग से उठाए. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि की अनुपूरक मांगों में दिव्यांगों के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है.
बच्चू कडू ने सरकार से दिव्यांगों का मासिक मानदेय 2 हजार 500 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 4 हजार रुपये करने की मांग की. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ-पैर या आंखें नहीं हैं, उनके प्रति सरकार को अधिक संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए. उन्होंने परिवहन विभाग पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दिव्यांगों को केवल साधारण और जर्जर बसों में आरक्षण दिया जाता है, जबकि वातानुकूलित (एसी) बसों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है. उन्होंने परिवहन मंत्री से इस संबंध में तत्काल निर्णय लेने की मांग की.
कडू ने कहा कि बाजार समितियों में दिव्यांगों के लिए आरक्षित 5 प्रतिशत निधि का समुचित उपयोग नहीं हो रहा है. उन्होंने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के अनुसार इस निधि का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करने की मांग की. साथ ही दिव्यांगों को किसानों की तरह पूर्ण ऋणमाफी देने की भी मांग की. चरवाहा समुदाय की समस्याओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जून, जुलाई और अगस्त में चारे का गंभीर संकट रहता है. इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग के माध्यम से चरागाह की जमीन उपलब्ध कराने की मांग की.
अपने निर्वाचन क्षेत्र के पुनर्वास संबंधी मुद्दे उठाते हुए बच्चू कडू ने राजुरा गांव को पुनर्वास योजना में शामिल करने की मांग की. साथ ही वासनी परियोजना के तहत बोरगांवपेठ गांव को भी पुनर्वास का लाभ देने की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र सॉल्ट पैन बेल्ट में होने से ग्रामीणों के घरों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. मजदूरों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने फिनले मिल के कर्मचारियों का मामला उठाया. कडू ने कहा कि मजदूरों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला है और वेतन न मिलने से दो मजदूर आत्महत्या कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि श्रम मंत्री विदर्भ से होने के बावजूद इस गंभीर मामले पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. तालिका सभापति प्रमोद जठार के समक्ष अपनी बात रखते हुए बच्चू कडू ने सरकार से दिव्यांगों, चरवाहों, पुनर्वास प्रभावितों और मजदूरों को तत्काल न्याय देने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.





