कपड़े बदलने की तरह पार्टी बदलने वाले नेताओं पर कैसे होगा भरोसा?
राकांपा विधायक रोहित पवार का सचिन अहिर पर तीखा हमला

* बोले- ऐसे नेताओं से लोकतंत्र पर भी उठते हैं सवाल, 2029 तक भाजपा अकेली पड़ जाएगी
देहू/दि.1- महाराष्ट्र की राजनीति में जारी दल-बदल और नेताओं के पाला बदलने के घटनाक्रम पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए विधान परिषद सदस्य सचिन अहिर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि नेता कपड़े बदलने की तरह अपने विचार और पार्टियां बदलते रहेंगे तो जनता का उन पर विश्वास नहीं रहेगा.
देहू में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रोहित पवार ने कहा कि सचिन अहिर का एकनाथ शिंदे गुट में जाना आश्चर्यजनक है. उन्होंने कहा कि सचिन अहिर पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस में थे, उसके बाद उन्होंने उद्धव ठाकरे के साथ काम किया और अब वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में चले गए हैं. रोहित पवार ने कहा, यदि नेता इतनी आसानी से अपने विचार और राजनीतिक दल बदलते रहेंगे तो जनता का उन पर भरोसा खत्म हो जाएगा. राजनीति पर लोगों का विश्वास कमजोर होगा तो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी उसका नकारात्मक असर पड़ेगा. यह महाराष्ट्र की राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है.
* स्वार्थ की राजनीति कर रहे हैं कुछ नेता
विधायक रोहित पवार ने आरोप लगाया कि कुछ नेता केवल अपने राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर निर्णय ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे नेताओं को पहचानने लगी है और उनके प्रति लोगों का नजरिया तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में नए चेहरे और नई पीढ़ी के नेता राजनीति में उभरेंगे, क्योंकि जनता अब सिद्धांतों और विचारधारा को महत्व देने लगी है.
*विधायकों और सांसदों को तोड़ने की कोशिश जारी
महायुति सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए रोहित पवार ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ने का प्रयास लगातार किया जा रहा है. हालांकि उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधि मजबूती से संगठन के साथ खड़े रहेंगे. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव और प्रलोभनों के बावजूद विपक्षी दलों के कई नेता अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्ध हैं और भविष्य में भी पार्टी के साथ बने रहेंगे.
* 2029 तक भाजपा अकेली रह जाएगी : रोहित पवार
रोहित पवार ने एक बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि वर्ष 2029 तक भाजपा की स्थिति बदल सकती है. उन्होंने आरोप लगाया कि निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्गठन और राजनीतिक समीकरणों के जरिए भाजपा अपनी ताकत बढ़ाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता इसे समझ रही है. उन्होंने कहा, 2029 आते-आते भाजपा ऐसी स्थिति में पहुंच सकती है कि उसके सहयोगी दल उससे अलग रास्ता चुन लें. मुझे लगता है कि भविष्य में भाजपा अकेली रह जाएगी.
* महायुति में बढ़ सकता है आंतरिक संघर्ष
विधायक रोहित पवार ने भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के संबंधों को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र स्तर पर भाजपा नेताओं के बीच भी प्रतिस्पर्धा दिखाई देती है तथा महाराष्ट्र में भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट के बीच शक्ति प्रदर्शन की राजनीति चल रही है. उनका दावा था कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों से यह संकेत मिलता है कि एकनाथ शिंदे को केंद्रीय नेतृत्व का समर्थन प्राप्त है, जिसके कारण उनकी राजनीतिक ताकत बढ़ी है. इसी वजह से वे अन्य दलों के नेताओं और सांसदों को अपने पक्ष में लाने में सफल हो रहे हैं.
*2029 में अलग-अलग चुनाव लड़ सकते हैं महायुति के दल
रोहित पवार ने यह भी दावा किया कि आने वाले वर्षों में महायुति के भीतर अंतर्विरोध और अधिक बढ़ सकते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए यह संभावना बन रही है कि वर्ष 2029 के चुनाव में महायुति के घटक दल अलग-अलग चुनाव मैदान में उतरें. उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई चर्चाओं को बल मिला है. सचिन अहिर के दल-बदल से शुरू हुई बहस अब महायुति और भाजपा के भविष्य को लेकर नए राजनीतिक कयासों तक पहुंच गई है.





