हाय-हैलो’ से शुरू हुई दोस्ती, 37 लाख की ठगी पर हुई खत्म
सोशल मीडिया पर महिला सीईओ बनकर साइबर ठगों ने बुजुर्ग समेत तीन लोगों को लगाया लाखों का चूना

* नासिक में ’साइबर हनी ट्रैप’ का बड़ा मामला, फर्जी ट्रेडिंग के झांसे में फंसकर गंवाई जीवनभर की कमाई
नासिक/दि.1– पंजीकरण करने के लिए कहा. महिला के कहने पर बुजुर्ग ने अपने बैंक खाते, पैन कार्ड और आधार कार्ड की जानकारी दर्ज कर दी. इसके बाद अगस्त से दिसंबर 2025 के बीच विभिन्न यूपीआई आईडी और बैंक खातों में 60 से अधिक बार रकम ट्रांसफर की गई.
* 27 लाख रुपये निवेश, लेकिन नहीं मिला एक भी रुपया वापससोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका एक चौंकाने वाला मामला नासिक में सामने आया है. यहां एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग सहित तीन लोगों को साइबर ठगों ने करीब 37 लाख 91 हजार रुपये की चपत लगा दी. ठगों ने पहले सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर निवेश के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए. इस मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है.
* फेसबुक पर आई फ्रेंड रिक्वेस्ट, शुरू हुई ठगी की पटकथा
पुलिस के अनुसार नासिक रोड क्षेत्र के गोरेवाड़ी निवासी एक सेवानिवृत्त व्यक्ति को जुलाई 2025 में फेसबुक पर अंजली अग्रवाल नामक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली. प्रोफाइल में महिला ने स्वयं को पश्चिम बंगाल की एक बड़ी कंपनी की सीईओ बताया था. फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के बाद दोनों के बीच चैटिंग शुरू हुई. धीरे-धीरे बातचीत व्यक्तिगत विषयों तक पहुंची और दोनों के बीच विश्वास का रिश्ता बन गया. इसके बाद व्हाट्सएप पर नियमित संवाद होने लगा.
* बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर बिछाया जाल
महिला ने बुजुर्ग को बताया कि वह नंबर ट्रेडिंग नामक व्यवसाय से भारी मुनाफा कमाती है. विश्वास बढ़ाने के लिए उसने कथित कमाई के कई स्क्रीनशॉट भी भेजे. इसके बाद उसने एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजकर वहां
ठगों के झांसे में आकर बुजुर्ग ने अपने दो बैंक खातों से कुल 27 लाख 56 हजार 164 रुपये जमा कर दिए. कुछ समय बाद ट्रेडिंग वेबसाइट पर उन्हें दिखाया गया कि उनका निवेश बढ़कर करीब साढ़े चार करोड़ रुपये हो गया है. जब उन्होंने यह राशि निकालने की कोशिश की तो ठगों ने टैक्स, प्रोसेसिंग फीस, सर्विस चार्ज और अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने की मांग शुरू कर दी. बुजुर्ग ने कहा कि शुल्क सीधे लाभ की राशि से काट लिया जाए, लेकिन ठगों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया. इसी दौरान उन्हें संदेह हुआ और पूरी ठगी का खुलासा हो गया.
* तीन लोगों से 37 लाख से अधिक की ठगी
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साइबर गिरोह ने केवल एक ही नहीं, बल्कि तीन लोगों को निशाना बनाया. एक सेवानिवृत्त बुजुर्ग से 27.56 लाख रुपये की ठगी. दूसरे पीड़ित से 5.15 लाख रुपये की धोखाधड़ी. अंबड क्षेत्र के महालक्ष्मीनगर निवासी एक व्यक्ति से 5.20 लाख रुपये की ठगी. इस प्रकार कुल ठगी की रकम 37 लाख 91 हजार 364 रुपये तक पहुंच गई.
* साइबर पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित की शिकायत के आधार पर नासिक शहर साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी) और 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस संबंधित व्हाट्सएप नंबरों, बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जांच कर रही है. जिन खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उनके धारकों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक संजय पिसे के मार्गदर्शन में की जा रही है.





