मनरेगा की जगह आज से लागू होगी ‘वीबीजीआरएएमजी’ योजना

अमरावती में 38 हजार से अधिक कार्य अब भी अधूरे

अमरावती/दि.1– जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत स्वीकृत 38,998 कार्य अभी भी अधूरे हैं. इसी बीच बुधवार, 1 जुलाई से केंद्र सरकार की नई ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी अधिनियम-2025’ के तहत नई योजना लागू हो रही है. ऐसे में अधूरे कार्यों के लिए निधि कब मिलेगी और उन्हें कब पूरा किया जाएगा, इसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों के प्रत्येक इच्छुक वयस्क सदस्य को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के अकुशल रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी. हालांकि, खरीफ की बुवाई और फसल कटाई के मौसम में सार्वजनिक कार्यों पर 60 दिनों का अनिवार्य विराम रहेगा. नई योजना में 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है. इन्हें चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है. पहले चरण में तालाब, नहर, बांध, कुएं और वर्षा जल संरक्षण से जुड़े कार्य होंगे. दूसरे चरण में ग्राम पंचायत कार्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम पुस्तकालय और ग्रामीण सड़कें बनाई जाएंगी. तीसरे चरण में स्वयं सहायता समूहों के भवन, अनाज गोदाम, पशु शेड और मत्स्य पालन से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. चौथे चरण में चक्रवात आश्रय केंद्र, बाढ़ नियंत्रण तटबंध और वृक्षारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे.
जिले में वर्तमान में 38,998 कार्य अधूरे हैं, जिनमें लगभग 80 प्रतिशत कार्य व्यक्तिगत लाभार्थियों से जुड़े हैं. प्रशासन ने लाभार्थियों को लंबित कार्य जल्द पूरा करने के लिए सतर्क किया है. इनमें अधिकांश कार्य पिछले चार-पांच वर्षों से लंबित बताए जा रहे हैं. उप जिलाधिकारी (रोहायो) ज्ञानेश घ्यार ने बताया कि नई योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण को गति मिलेगी. नई व्यवस्था के अनुसार मजदूरों की मजदूरी एक से दो सप्ताह के भीतर सीधे बैंक खाते में जमा की जाएगी. यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो संबंधित श्रमिक बेरोजगारी भत्ता पाने के हकदार होंगे.

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