पुलिस आयुक्तालय में स्कूल परिवहन समिति की बैठक
स्कूल के बाहर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के दिए निर्दे

* नियम तोडनेवालों पर होगी सख्त कार्रवाई
* निजी वाहनों से विद्यार्थियों की आवाजाही पर रोक
अमरावती/दि.1- शहर में मंगलवार 30 जून से स्कूल और महाविद्यालय शुरु होने के साथ ही विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही के उद्देश्य से मंगलवार 30 जून को पुलिस आयुक्त कार्यालय में स्कूल परिवहन समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन पुलिस आयुक्त राकेश ओला के मार्गदर्शन में उपायुक्त प्रांजलि सोनवणे की अध्यक्षता में किया गया.
बैठक में उपप्रादेशिक परिवहन अधिकारी नंदकिशोर काले, यातायात सहायक पुलिस आयुक्त संजय खताले, यातायात शाखा अधिकारी, स्कूल परिवहन समिति के सदस्य तथा जिला स्कूल बस चालक-मालक संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक में विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए और स्पष्ट किया गया कि, निजी वाहनों में विद्यार्थियों की आवाजाही नहीं की जाएगी तथा किसी भी स्कूल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी.
सभी स्कूलों के मुख्याध्यापक एवं स्कूल परिवहन समिति के सदस्यों को विद्यार्थियों के परिवहन की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा स्कूल बस चालकों को यातायात नियमों का कडाई से पालन करने, वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रुप से चालू रखने, अग्निशमन यंत्र, प्राथमिक उपचार बॉक्स तथा आपातकालिन निकास द्वार जैसी सुरक्षा-सुविधाएं दुरुस्त रखने के भी निर्देश दिए गए. आवश्यकता के अनुसार महिला परिचालक नियुक्त करने तथा वाहन चालकों की नियमित नेत्र जांच कराने पर भी जोर दिया गया.
बैठक में स्कूलों के आसपास यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए भी कई प्रयासों पर चर्चा हुई. इनमें होलीक्रॉस मराठी स्कूल के मार्ग को वन-वे करना, गर्ल्स हाईस्कूल के सामने स्थित एसटी बस स्टॉप को स्थानांतरित करना, पोदार स्कूल के समीप पोटे पाटिल चौक का ट्रैफिक सिग्नल शुरु करना तथा मणिबाई गुजराती स्कूल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने जैसे मुद्दे शामिल रहे. अधिकारियों ने संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर इन समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया.
* प्रत्येक तीन महिने में होगी समिती की बैठक
बैठक में यह भी तय किया गया कि, स्कूल परिवहन समिति की बैठक प्रत्येक तीन महिने में आयोजित की जाएगी. जिन अभिभावकों के बच्चे निजी वाहनों से स्कूल आते है, उन्हें स्कूल बसों के निर्धारित समय से कम से कम 15 मिनट पहले बच्चों को स्कूल छोडने की सलाह दी जाएगी, ताकि स्कूल परिसर में यातायात जाम की स्थिति न बने.
* अवैध अथवा असुरक्षित परिवहन पाए जाने पर होगी कार्रवाई
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि, यदि कहीं भी विद्यार्थियों का अवैध अथवा असुरक्षित परिवहन पाया गया, तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के तहत संबंधित वाहन चालक एवं संचालकों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी. अंत में अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय ने सभी अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों से अपील की है कि, स्कूल खुलने के समय वाहन की गति नियंत्रित रखे, यातायात नियमों का पालन करें और विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके.