बिना लाइसेंस आईवीएफ केंद्रों और भ्रूण लिंग जांच पर लगेगा मकोका

स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की विधानसभा में घोषणा

मुंबई/दि.1- महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बिना लाइसेंस चल रहे आईवीएफ केंद्रों, अवैध सोनोग्राफी और भ्रूण लिंग जांच के मामलों पर सख्त कार्रवाई का फैसला किया है. स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने विधानसभा में घोषणा की कि ऐसे संगठित अवैध रैकेट चलाने वालों पर मकोका लगाया जाएगा. इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में कानून में आवश्यक संशोधन किया जाएगा.
प्रश्नकाल के दौरान अबू आजमी सहित अन्य विधायकों ने राज्य में बिना अनुमति चल रहे आईवीएफ केंद्रों और अवैध सोनोग्राफी के बढ़ते मामलों का मुद्दा उठाया. इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्भलिंग जांच और अवैध आईवीएफ केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी तथा संगठित अपराध के रूप में इन मामलों में मकोका लागू करने का प्रावधान किया जाएगा. उन्होंने यह भी बताया कि पीसीएमएनडीटी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन, आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों की कड़ी निगरानी तथा नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी. नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.
इस दौरान विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों में भवन तैयार हैं, लेकिन डॉक्टरों और कर्मचारियों की भारी कमी के कारण मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल रहा है. उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए अधिक निधि देने तथा आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी सेविकाओं और संविदा कर्मचारियों के लंबित मानदेय का भुगतान करने की मांग की. जवाब में स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने स्वीकार किया कि राज्य के कई अस्पतालों में पद रिक्त हैं. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस के अवसर पर राज्य में 1 हजार 400 डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिन्हें जल्द ही स्वीकृत पदों पर नियुक्त किया जाएगा. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जिन स्वास्थ्य परियोजनाओं का 50 से 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर निधि उपलब्ध कराई जाएगी. साथ ही आशा कार्यकर्ताओं और संविदा कर्मचारियों के लंबित भुगतान को भी जल्द जारी करने का निर्णय लिया जाएगा.

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