महाडीबीटी की करोड़ों की सब्सिडी दो साल से अटकी
स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम

अमरावती /दि.1- महाडीबीटी पोर्टल के तहत स्वीकृत ट्रैक्टर, ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिंचाई और सौर कृषि पंप योजनाओं की करोड़ों रुपये की सब्सिडी पिछले दो वर्षों से किसानों के खातों में जमा नहीं होने के विरोध में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है. संगठन ने सरकार को 7 जुलाई तक का अंतिम अल्टीमेटम दिया है.
जिलाध्यक्ष अमित अढाऊ के नेतृत्व में संगठन विभागीय सहसंचालक (कृषि), अमरावती कार्यालय को ज्ञापन सौंपेगा. संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय तक किसानों के खातों में अनुदान राशि जमा नहीं हुई तो 7 जुलाई को हजारों किसानों के साथ विभागीय सहसंचालक कार्यालय पर जोरदार मोर्चा निकाला जाएगा. अमित अढाऊ ने कहा कि महाडीबीटी पोर्टल पर किसानों का चयन हो चुका है, तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है और किसानों ने कर्ज लेकर लाखों रुपये के कृषि उपकरण खरीद लिए हैं. इसके बावजूद दो साल बीत जाने पर भी अनुदान की एक भी राशि किसानों के खातों में नहीं पहुंची. खरीफ सीजन शुरू होने के बावजूद किसान ब्याज के बोझ तले दबे हुए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सेतू केंद्रों पर किसानों से अवैध रूप से 500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा. अमित अढाऊ ने चेतावनी देते हुए कहा, आज 30 जून से सात दिन गिने जाएं. यदि 7 जुलाई तक किसानों के खातों में अनुदान जमा नहीं हुआ तो अमरावती जिले के हजारों किसानों के साथ विभागीय सहसंचालक कार्यालय पर धावा बोला जाएगा. लाठी खानी पड़े तो खाएंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे. इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी.
* संगठन की प्रमुख मांगें
– 7 जुलाई से पहले स्वीकृत सभी आवेदनों की 100 प्रतिशत सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में जमा की जाए.
– लंबित आवेदनों की तहसीलवार 15 दिनों के भीतर विशेष जांच एवं निस्तारण अभियान चलाया जाए.
– महाडीबीटी लॉटरी में चयनित लाभार्थियों की सूची प्रत्येक ग्राम पंचायत में सार्वजनिक की जाए.
– सेतू केंद्रों पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनके लाइसेंस रद्द किए जाएं.
– अनुदान वितरण में हुई देरी पर किसानों को 12 प्रतिशत ब्याज सहित मुआवजा दिया जाए.





