शहर भाजपा में 24 घंटे के भीतर दूसरी बार हुआ उलटफेर
नितीन गुडधे पाटील की नियुक्ति पर स्थगिती

* एक दिन पहले ही भाजपा शहराध्यक्ष पद पर हुई थी नियुक्ति
* कल शाम प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने स्थगिति वाला पत्र किया जारी.
* नई नियुक्ति को लेकर उत्सुकता तेज, राजनीतिक कयासों का दौर जारी
अमरावती/दि.1- भारतीय जनता पार्टी के शहर संगठन में महज 24 घंटे के भीतर दूसरा बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. परसो सोमवार 29 जून को ही भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण द्वारा अमरावती शहराध्यक्ष पद पर नितीन गुडधे पाटील की नियुक्ति की घोषणा की गई थी, लेकिन कल मंगलवार 30 जून की शाम जारी नए आदेश में इस नियुक्ति पर तत्काल प्रभाव से स्थगन लगा दिया गया. प्रदेशाध्यक्ष द्वारा जारी पत्र के बाद राजनीतिक और संगठनात्मक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. नियुक्ति की घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत और अभिनंदन का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन अचानक आए स्थगन आदेश ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
बता दे कि, 29 जून को भाजपा संगठन में फेरबदल करते हुए नितीन गुडधे पाटील को अमरावती शहर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. इसके साथ ही ग्रामीण जिलाध्यक्ष पद पर भी नई नियुक्ति घोषित की गई थी. जिसके तहत तिवसा-मोर्शी क्षेत्र के ग्रामीण जिलाध्यक्ष के पद पर रविराज देशमुख के स्थान पर धामणगांव रेलवे निर्वाचन क्षेत्र के भाजपा विधायक प्रताप अडसड को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया था. अचानक की गई इन दोनों नियुक्तियों को लेकर अच्छाखासा आश्चर्य जताया जा रहा था. क्योंकि दोनों अध्यक्षों का अभी दो-दो वर्ष का कार्यकाल बचा हुआ था. जिसके चलते नई नियुक्तिओं को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था. वही 24 घंटे के भीतर पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने शहराध्यक्ष पद पर की गई नीतिन गुडधे पाटील की नियुक्ति पर स्थगिती लगानेवाला पत्र जारी कर दिया. जिसके चलते और भी अधिक आश्चर्य जताया जा रहा है. साथ ही अब पार्टी के भीतर नए शहराध्यक्ष को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठन स्तर पर चल रही चर्चाओं और समीकरणों के कारण अंतिम निर्णय फिलहाल टाल दिया गया है. हालांकि पार्टी की ओर से स्थगन के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है. वही भाजपा कार्यकर्ताओं और राजनीतिक पर्यवेक्षकों की निगाहें अब प्रदेश नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं. अमरावती भाजपा शहर संगठन की कमान आखिर किसके हाथों में जाएगी, इसे लेकर उत्सुकता चरम पर पहुंच गई है. आगामी कुछ दिनों में होने वाली नई नियुक्ति पर पूरे जिले की राजनीतिक नजरें लगी हुई हैं.
डॉ. धांडे का खेमा हुआ हर्षित, शहराध्यक्ष पद अपने पास रहने का दावा
वही इस बीच डॉ. नितिन धांडे के समर्थकों ने पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की और से नई नियुक्ति पर लगाई गई स्थगिती को लेकर हर्ष जताया है. साथ ही दावा किया है कि, भाजपा शहराध्यक्ष पद पर अब डॉ. नितिन धांडे ही कायम है. हालाकि इसे लेकर कुछ हद तक संदेह जताया जा रहा है. क्योंकि नितीन गुडधे की शहराध्यक्ष पद पर की गई नियुक्ति पर स्थगिती को लेकर जारी पत्र में इस बात का कोई उल्लेख नही किया गया है. ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा की आनेवाले दिनों में भाजपा शहराध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक उंट किस करवट बैठता है.
*गुडधे के लिए शहर भर में लगे थे शुभकामना के बैनर पोस्टर
यह विशेष उल्लेखनीय है कि ,सोमवार की शाम भाजपा शहराध्यक्ष की पद पर नितीन गुडधे पाटील की नियुक्ति का प्रत सामने आते ही शहर भर में उन्हें बधाई व शुभकामना देने हेतु बैनर व पोस्टर लगा दिए गए थे. साथ ही सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थकों व्दारा जनमकर हर्षोल्हास मनाते हुए उन्हें बधाई दी जा रही थी. परंतु यह खुशी ज्यादा समय तक नही टीक पाई क्योंकि अगले 24 घंटे के भीतर मंगलवार की शाम पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण व्दारा इस नियुक्ति पर स्थगिती लगाने का पत्र जारी हो गया. जिसके चलते गुडधे के समर्थकों में काफी हद तक मायूसी वाली स्थिति देखी जा रही है.
*शहर भाजपा में अंतर्गत गुटबाजी तुफान पर
यह इस बात का उल्लेख किया जा सकता है कि, डॉ. नितीन धांडे को भाजपा नेत्री नवनित राणा गुट का समर्थक माना जाता है और आरोप है कि मनपा चुनाव के समय भाजपा शहराध्यक्ष रहते हुए डॉ. नितीन धांडे ने राणा गुट, विशेषकर युवा स्वाभिमान पार्टी को झुकता माप दिया था. जिसके चलते उन्हें लेकर पार्टी में काफी हद तक असंतोष वाली स्थिति थी. जिसके चलते उन्हें अचानक ही पद से हटाते हुए उनके स्थान पर नीतिन गुडधे पाटील की नियुक्ति की गई. नितीन गुडधे पाटील भी किसी जमाने में शिवसेना छोडकर भाजपा में आए थे और उनके शिवसेना से भाजपा में आया सांसद डॉ. अनिल बोंडे व विधायक राजेश वानखडे के साथ अच्छे खासे संबंध है. संभवता यही वजह रही कि, पार्टी के किसी पूराने व निष्ठावान पदाधिकारी की वजह नितीन गुडधे पाटील को शहराध्यक्ष पद पर नियुक्ति की गई. साथ ही उपर से आए किसी राजनीतिक दबाव की वजह से महक 24 घंटे के भीतर इस नियुक्ति पर स्थगिति भी लगा दी गई. ऐसे में अब यह प्रयास लगाए जा रहे है कि भाजपा में अंतर्गत गुटबाजी अपने पूरे तुफान पर रहेगी.
* शहराध्यक्ष पद पर कौन?
भाजपा के अमरावती शहराध्यक्ष के पद पर नितीन गुडधे पाटील की नियुक्ति के साथ ही डॉ. नितीन धांडे का शहराध्यक्ष पद पर कार्यकाल खत्म हो गया था. वही इस समय नितीन गुडधे पाटील की नियुक्ति को रद्द नहीं किया गया है,बल्कि नियुक्ति पर स्थगिती लगाई गई है. ऐसे में कहा जा सकता है कि, फिलहाल भाजपा का शहराध्यक्ष पद रिक्त है. जिसके चलते यह कहना दिलचस्प होगा कि, पार्टी नेतृत्व व्दारा इस पद को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है. विश्वसनीय सुत्रों से मिली जानकारी से आगामी दो-तीन दिन में भाजपा शहराध्यक्ष पद को लेकर कोई बडा उलट-फेर निश्चित तौर पर हो सकता है.