मनपा में ‘सिटी इंजीनियर’ पद के लिए खींचतान
43 साल में 18 इंजीनियर बदले

* सिर्फ 8 अधिकारियों ने संभाली नियमित जिम्मेदारी
अमरावती/दि.13 – शहर के विकास और मनपा की तकनीकी व्यवस्था में शहर अभियंता की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है. लेकिन अमरावती मनपा में यह महत्वपूर्ण पद पिछले 43 वर्षों से लगातार बदलावों का शिकार रहा है. वर्ष 1983 से अब तक मनपा में 18 शहर अभियंता बदल चुके हैं. इनमें से अधिकांश की नियुक्ति स्थायी रूप से नहीं, बल्कि प्रभारी, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति अथवा स्थानीय स्तर पर किए गए प्रबंध के आधार पर हुई.
जानकारी के मुताबिक सरकार ने इस अवधि में सीधे तौर पर केवल 8 अधिकारियों को शहर अभियंता के रूप में नियुक्त किया, जबकि अन्य 10 अधिकारी स्थानीय स्तर पर विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत इस पद पर पहुंचे. मनपा में सबसे पहले 15 नवंबर 1984 को पी.बी. जसवंते ने शहर अभियंता के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी.
* सरकारी अधिकारी पद संभालने से क्यों कतराते हैं?
मनपा क्षेत्र में चर्चा है कि मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों में कार्यरत अधिकारी अमरावती मनपा में शहर अभियंता की जिम्मेदारी संभालने से अक्सर बचते हैं. किसी अधिकारी का अमरावती में तबादला होने के बाद उसे रद्द कराने के लिए मंत्रालय स्तर पर प्रयास किए जाने की चर्चा भी मनपा गलियारों में होती रही है. स्थानीय राजनीतिक हस्तक्षेप और प्रशासनिक गुटबाजी के बीच काम करने की बजाय कई अधिकारी इस पद से दूर रहना पसंद करते हैं. यही वजह है कि महत्वपूर्ण तकनीकी पद लंबे समय तक प्रभारी व्यवस्था के भरोसे चलता रहा है.
* इन 8 अधिकारियों ने संभाली नियमित जिम्मेदारी
पिछले साढ़े चार दशकों में सरकार की ओर से नियुक्त होकर सीधे सिटी इंजीनियर की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों में सी. जी. भुतडा, सी. बी. आप्टे, वी. जी. पांडे, जे. एच. भानुसे, एस. आर. जाधव, इकबाल इसहाक, ई. जे. पनपालिया और वर्तमान में कार्यरत श्रीधर कांबले शामिल हैं.
* कभी प्रभारी, कभी सेवानिवृत्त अधिकारी
स्थायी शहर अभियंता की नियुक्ति नहीं होने पर मनपा प्रशासन ने कई बार वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लिया. कभी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को पदोन्नत कर जिम्मेदारी दी गई, तो कभी सेवानिवृत्त अधिकारी को अनुबंध पर नियुक्त किया गया. कुछ मामलों में कनिष्ठ अधिकारियों को भी शहर अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया. इस तरह अब तक 10 अधिकारी स्थानीय व्यवस्था के तहत इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचे हैं.
* विकास पर पड़ रहा असर
शहर अभियंता का पद शहर के सड़क, जलापूर्ति, भवन, ड्रेनेज, पुल तथा अन्य विकास कार्यों से जुड़े तकनीकी निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण है. बार-बार अधिकारियों के बदलने और प्रभारी व्यवस्था के कारण विकास परियोजनाओं में निरंतरता प्रभावित होने की बात कही जा रही है. स्थानीय राजनीतिक दबाव के अनुरूप काम करने वाले अधिकारी की तलाश के बजाय सक्षम और स्थायी तकनीकी अधिकारी की नियुक्ति की जरूरत है. 43 वर्षों में 18 सिटी इंजीनियरों का बदलना इस पद की अस्थिरता को स्पष्ट करता है.





