मुंबई में खुला मैनहोल बना मौत का कुआं
मोबाइल पर बात करते हुए युवक की मौत

* उपमहापौर ने बीएमसी आयुक्त पर साधा निशाना
* साकीनाका हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
* जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग तेज
मुंबई/दि.2- लगातार हो रही बारिश के बीच मुंबई में एक दर्दनाक हादसे ने महानगर की मानसून पूर्व तैयारियों और नागरिक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है. साकीनाका के खैरानी रोड पर मोबाइल फोन पर बात करते हुए जा रहा एक युवक खुले मैनहोल में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. घटना के बाद जहां स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है, वहीं इस मुद्दे पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार खैरानी रोड स्थित सनमान होटल के पास एक व्यक्ति मोबाइल पर बातचीत करते हुए पैदल जा रहा था. इसी दौरान वह सड़क किनारे खुले पड़े मैनहोल में जा गिरा. बताया जा रहा है कि उस स्थान पर एक निजी ठेकेदार द्वारा मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जा रहा था, जिसके कारण मैनहोल का ढक्कन खुला हुआ था. घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन दल, पुलिस, 108 एम्बुलेंस सेवा और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं. बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल के पास से मृतक की छतरी और चप्पल बरामद हुई. तेज जलप्रवाह के कारण उसके बह जाने की आशंका जताई गई थी. बाद में स्थानीय विधायक दिलीप लांडे ने युवक की मौत की पुष्टि की. मृतक की पहचान असलम शेख के रूप में हुई है. हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. लोगों का कहना है कि हर वर्ष मानसून पूर्व तैयारियों पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन खुले मैनहोल जैसी लापरवाहियां लोगों की जान ले रही हैं.
इस बीच मुंबई के उपमहापौर संजय घाडी ने इस हादसे के लिए सीधे बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने मैनहोल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आयुक्त को पत्र लिखकर चेतावनी दी थी. पत्र में बताया गया था कि कई वार्डों में मैनहोल सुरक्षा संबंधी ठेकों की अवधि समाप्त हो चुकी है और अनेक स्थानों पर सुरक्षा जालियां नहीं लगाई गई हैं. संजय घाडी ने दावा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से भी यह मुद्दा आयुक्त के सामने उठाया था, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया. उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था. उन्होंने इस मामले में संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.
उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही मुंबई के चेंबूर क्षेत्र में एक स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक छात्र की मौत हो गई थी. अब खुले मैनहोल में गिरकर हुई इस मौत ने एक बार फिर मुंबई की बारिश संबंधी तैयारियों, सुरक्षा उपायों और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं. नागरिकों ने शहर के सभी खुले मैनहोलों को तत्काल सुरक्षित करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है.





