सीबीटी मोड के खिलाफ एमपीएससी उम्मीदवारों का प्रदर्शन
ओएमआर पद्धति बहाल करने की मांग

* अमरावती में कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
अमरावती/दि.2 – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा को कंप्यूटर आधारित परीक्षा मोड में कराने के निर्णय के विरोध में बुधवार को अमरावती में प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया. इसके बाद विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के नाम ज्ञापन सौंपते हुए परीक्षा पहले की तरह ऑफलाइन ओएमआर पद्धति से आयोजित करने की मांग की.
उम्मीदवारों का कहना है कि राज्य के अधिकांश प्रतियोगी विद्यार्थी ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं. कंप्यूटर का सीमित ज्ञान, तकनीकी समस्याएं, बिजली और इंटरनेट जैसी बाधाएं सभी विद्यार्थियों को समान अवसर उपलब्ध नहीं करातीं. ऐसे में सीबीटी मोड लागू करना अनेक उम्मीदवारोेंं के साथ अन्याय होगा. विद्यार्थियों ने कहा कि वे वर्षों से ओएमआर आधारित परीक्षा पद्धति के अनुसार तैयारी कर रहे हैं. परीक्षा से पहले अचानक पैटर्न बदलने से उनकी तैयारी प्रभावित होगी और प्रतिस्पर्धा में असमानता पैदा होगी. प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में समान अवसर और निष्पक्ष व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है.
इस अवसर पर सुयोग राजनेकर, पंकज सिंह राजपूत, भरत खातरकर, चैतन्य मुथल, स्नेहा मेटकर और आदित्य मिसाल सहित अन्य अभ्यर्थियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार और एमपीएससी को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने मांग की कि विद्यार्थियों की भावनाओं और हितों को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक परीक्षा केवल ऑफलाइन (ओएमआर) मोड में ही आयोजित करने का निर्णय लिया जाए. अमरावती जिले के बड़ी संख्या में एमपीएससी उम्मीदवारों ने इस प्रदर्शन में भाग लिया. पूरा आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ.





