साइबर ठगी का सरगना राकेश झामनानी गिरफ्तार

करोड़ों के फर्जी लेनदेन का खुलासा

* गरीबों के बैंक खातों का बनाया हथियार
* ट्रेडिंग कंपनी के जरिए चल रहा था करोड़ों का साइबर खेल
अमरावती/दि.2 – अमरावती ग्रामीण साइबर पुलिस ने करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए गिरोह के कथित मास्टरमाइंड राकेश श्रवणकुमार झामनानी और उसके साथी विजय महेश जामनानी को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे.
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह गरीब और जरूरतमंद लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था. बाद में इन्हीं खातों, पासबुक और बैंकिंग दस्तावेजों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था. इस मामले में इससे पहले ग्रामीण साइबर पुलिस ने गोवा की प्रोविडेंट अडोरा सोसायटी में छापा मारकर एक महिला सहित 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. कार्रवाई के दौरान 10.85 लाख रुपये का माल जब्त किया गया था. जांच में करीब 6.25 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ, जबकि 64 बैंक खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज कर दिया गया था.
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राकेश झामनानी ने एक ट्रेडिंग कंपनी बना रखी थी, जिसके माध्यम से करोड़ों रुपये का वित्तीय लेनदेन किया जा रहा था. पुलिस ने कंपनी के दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की. संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिलने पर इन लेनदेन पर रोक लगा दी गई है. पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं. अब यह पता लगाया जा रहा है कि साइबर ठगी से वसूली गई रकम किन-किन खातों और कंपनियों में पहुंचाई गई तथा इस गिरोह के अन्य ठिकाने कहां-कहां संचालित हो रहे थे. अमरावती ग्रामीण साइबर पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में साइबर ठगी के इस बड़े नेटवर्क से जुड़े कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं.

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