दापोली में डॉ. आंबेडकर के पैतृक निवास पर भव्य स्मारक बनाने की मांग
भीम शक्ति सामाजिक संगठन ने मुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों को भेजा ज्ञापन

* अध्ययन कक्ष, प्रतिमा और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण की उठाई मांग
अमरावती/दि.3 – भीम शक्ति सामाजिक संगठन ने भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के रत्नागिरी जिले के दापोली स्थित ऐतिहासिक निवास स्थान के संरक्षण और विकास की मांग उठाई है. संगठन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दापोली स्थित उस घर में अध्ययन कक्ष, डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा तथा भव्य स्मारक का निर्माण कराने की मांग की है, जहां उन्होंने अपने बचपन में निवास किया था और उनकी प्रारंभिक शिक्षा की शुरुआत हुई थी.
ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के पिता रामजी सकपाल ब्रिटिश भारतीय सेना में सूबेदार थे. वर्ष 1894 में सेवानिवृत्ति के बाद उनका परिवार दापोली के सैन्य शिविर क्षेत्र में रहने लगा. इसी दौरान बालक भीमराव ने दापोली के सरकारी कैंप स्कूल से अपनी प्रारंभिक शिक्षा शुरू की. संगठन का कहना है कि यहीं से डॉ. आंबेडकर की शिक्षा यात्रा का पहला कदम शुरू हुआ, जिसने आगे चलकर आधुनिक भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई. संगठन ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि स्कूल में पढ़ाई के दौरान डॉ. आंबेडकर को जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा. उन्हें अन्य विद्यार्थियों के साथ बैठने की अनुमति नहीं थी, अलग बैठाया जाता था तथा पानी पीने जैसी मूलभूत सुविधाओं में भी भेदभाव किया जाता था. इन अमानवीय अनुभवों ने उनके भीतर सामाजिक न्याय और समानता के लिए संघर्ष का संकल्प मजबूत किया.
भीम शक्ति सामाजिक संगठन का आरोप है कि वर्ष-2018 में राज्य सरकार ने ऐतिहासिक भवन के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए थे, लेकिन वर्ष-2023 में मूल घर के सामने एक हॉल का निर्माण कर दिया गया, जिससे ऐतिहासिक भवन लोगों की नजरों से ओझल हो गया. संगठन ने इस निर्माण कार्य की जांच कराने और मूल ऐतिहासिक स्वरूप को संरक्षित करने की भी मांग की है. संगठन के विदर्भ प्रदेश अध्यक्ष समाजभूषण पंकज ललितजी मेश्राम ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्यसभा सांसद चंद्रकांत हंडोरे, सामाजिक न्याय मंत्री संजय सिरसाट, उद्योग मंत्री एवं रत्नागिरी के पालकमंत्री उदय सामंत, गृह राज्य मंत्री योगेश कदम सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर दापोली स्थित डॉ. आंबेडकर के निवास स्थान पर अध्ययन कक्ष, प्रतिमा और भव्य स्मारक का निर्माण कर इसे राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की है.





