विनयभंग व पोक्सो के आरोपी को 5 साल कडी कैद
राजापेठ थाना क्षेत्र के दहशत मैदान झोपडपट्टी की वर्ष 2015 की घटना

* जिला व सत्र न्यायालय का फैसला
अमरावती/दि.4 – 11 वर्ष पूर्व राजापेठ थाना क्षेत्र के दहशत मैदान झोपडपट्टी में 11 वर्ष पूर्व वर्ष 2015 में एक 7 वर्षीय बालिका पर जबरदस्ती करने का प्रयास करने के मामले में स्थानीय जिला व सत्र न्यायाधीश वाय. ए. गोस्वामी के न्यायालय ने आरोपी को विनयभंग व पोक्सो के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल कडी कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है. सजा सुनाये गये आरोपी का नाम मंगेश दशरथ गायकवाड (30) है.
जानकारी के मुताबिक 11 मई 2015 को घटित इस घटना के समय पीडित बालिका 7 वर्ष की थी. उस दिन पीडिता अपने घर पर थी और माता-पिता काम पर गये थे. शिकायतकर्ता यह पीडिता की दादी है और घटना के समय वह खाने का डिब्बा लेकर घटनास्थल गई, तब पीडिता निर्वस्त्र सोयी थी. आरोपी मंगेश गायकवाड ने उस पर लैंगिक अत्याचार कर विनयभंग किया. घटना के बाद पीडिता की दादी ने राजापेठ थाने में शिकायत दर्ज की. पुलिस ने मामला दर्ज किया. पीएसआई के. एम. बंसा व वी. डी. चव्हाण ने मामले की जांच कर चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की. जिला व सत्र न्यायाधीश (2) वाय. ए. गोस्वामी के न्यायालय में चली सुनवाई के दौरान अतिरिक्त शासकीय अभियोक्ता एड. शशीकिरण पलोड ने कुल 11 गवाहों को परखा. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी मंगेश गायकवाड को धारा 354 और पोक्सो की धारा 8 के तहत दोषी करार देते हुए पांच साल कडी कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई. जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की सजा आरोपी को अतिरिक्त भुगतनी पडेगी. साथ ही 10 हजार रुपए नुकसान भरपाई पीडिता को देने के निर्देश न्यायालय ने दिये. न्यायालयीन पैरवी अधिकारी के रुप में एएसआई कनोजीया व अरुण हटवार ने सहायता की.





