मनपा आयुक्त वर्षा लढ्ढा का पावस सत्र के बाद हो सकता है तबादला!
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए संकेत

* आयुक्त लढ्ढा की कार्यप्रणाली को लेकर पनप रही नाराजी
* सत्ता पक्ष सहित विपक्षी पार्षदों द्वारा जताया गया असंतोष
* वर्षा लढ्ढा के तबादले के संकेत से अमरावती की सियासत में हलचल
अमरावती/दि.4- अमरावती महानगरपालिका की आयुक्त वर्षा लढ्ढा का पावस सत्र समाप्त होने के बाद तबादला होने की संभावना तेज हो गई है. सूत्रों के अनुसार, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा में आयुक्त के कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष जताते हुए पावस सत्र के बाद प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के संकेत दिए हैं. इस चर्चा के बाद शहर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में नए आयुक्त की नियुक्ति को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है.
बता दे कि, आयुक्त वर्षा लढ्ढा ने करीब चार माह पूर्व अमरावती महानगरपालिका की कमान संभाली थी. व्यक्तिगत ईमानदारी, पारदर्शिता और बेदाग छवि को लेकर उनके खिलाफ कोई आरोप सामने नहीं आया है, लेकिन उनकी कार्यशैली को लेकर सत्ता पक्ष में शामिल घटक दलों भाजपा, युवा स्वाभिमान, अजित पवार गुट वाली राकांपा व शिंदे सेना के साथ-साथ कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के पार्षदों में भी नाराजगी बढ़ती जा रही है.
* राजस्व विभाग की शैली में चल रहा मनपा प्रशासन?
जानकारी के मुताबिक नगरसेवकों का आरोप है कि आयुक्त लढ्ढा अभी भी राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से बाहर नहीं निकल पाई हैं. महानगरपालिका के रोजमर्रा के कामकाज में भी हर निर्णय के लिए नोटशीट, संदर्भ पत्र और विस्तृत दस्तावेजी प्रक्रिया की अनिवार्यता लागू किए जाने से विकास कार्यों की गति प्रभावित हो रही है. जनप्रतिनिधियों का कहना है कि महानगरपालिका का कामकाज राजस्व विभाग से भिन्न होता है, जहां नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों पर त्वरित निर्णय अपेक्षित होते हैं. लेकिन वर्तमान व्यवस्था में छोटी-छोटी प्रशासनिक मंजूरियों में भी अत्यधिक समय लग रहा है, जिससे कई योजनाएं और प्रस्ताव लंबित पड़े हैं.
* सत्ता और विपक्ष दोनों में असंतोष
सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न दलों के पार्षदों और पदाधिकारियों ने हाल ही में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर आयुक्त की कार्यशैली को लेकर शिकायतें की थीं. बताया जाता है कि जनप्रतिनिधियों ने विकास कार्यों में आ रही देरी, निर्णय प्रक्रिया की जटिलता और संवाद की कमी जैसे मुद्दे मंत्री के समक्ष रखे. इसी दौरान पालकमंत्री ने पावस सत्र के बाद स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक निर्णय लेने का संकेत दिया, जिसके बाद आयुक्त के संभावित तबादले की चर्चाओं को बल मिला है.
* ईमानदारी पर नहीं, कार्यशैली पर सवाल
महत्वपूर्ण बात यह है कि आयुक्त वर्षा लढ्ढा के खिलाफ भ्रष्टाचार, पक्षपात या व्यक्तिगत अनियमितता का कोई आरोप नहीं है. प्रशासनिक हलकों में उन्हें पारदर्शी और नियमों का पालन करने वाली अधिकारी माना जाता है. हालांकि, जनप्रतिनिधियों का मानना है कि अत्यधिक प्रक्रियात्मक दृष्टिकोण के कारण मनपा का कार्य प्रभावित हो रहा है और शहर के विकास कार्य अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रहे हैं.
* नए आयुक्त को लेकर बढ़ी उत्सुकता
संभावित तबादले की चर्चाओं के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अमरावती महानगरपालिका का अगला आयुक्त कौन होगा. प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि अमरावती जैसे बड़े शहरी निकाय में किसी प्रमोटी आईएएस अधिकारी की नियुक्ति की संभावना अधिक है. प्रत्यक्ष भर्ती (डायरेक्ट) आईएएस अधिकारियों की इस पद पर नियुक्ति की संभावना अपेक्षाकृत कम मानी जा रही है.
* राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें फैसले पर
फिलहाल आयुक्त के तबादले को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है, लेकिन पालकमंत्री के संकेतों और जनप्रतिनिधियों की बढ़ती नाराजगी ने इस चर्चा को गर्म कर दिया है. अब सभी की निगाहें पावस सत्र की समाप्ति के बाद होने वाले संभावित प्रशासनिक फेरबदल पर टिकी हैं, जो अमरावती महानगरपालिका की कार्यप्रणाली और शहर के विकास की दिशा तय कर सकता है.





