यवतमाल के सुमित रामटेके की कानपुर में धडाधड कार्रवाई

आयपीएस अधिकारी है सुमित रामटेके

* 2 हजार किलो गांजा किया जब्त
* करीब 100 अपराधियों को भी पकडा
नई दिल्ली/दि.8- ‘पुष्पा’ स्टाइल में मादक द्रव्यों की तस्करी करनेवाले अपराधियों की उत्तर प्रदेश में पदस्थ एक मराठी आयपीएस अधिकारी ने जबर्दस्त तरीके से नकेल कस दी है. मूलत: यवतमाल निवासी आयपीएस अधिकारी सुमित रामटेके ने महज 3 से 4 माह के दौरान लगभग 2 हजार किलो गांजा जब्त करने के साथ ही लगभग 100 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है. जिसके चलते गांजा तस्करों में सुमित रामटेके के नाम की जबर्दस्त दहशत देखी जा रही है. अपनी इस ‘सिंघम’ स्टाइल कार्रवाई के चलते फिलहाल कानपुर में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के तौर पर कार्यरत आयपीएस अधिकारी सुमित रामटेके की हर और जबर्दस्त चर्चा चल रही है.
बता दें कि आयपीएस अधिकारी सुमित रामटेके यवतमाल जिले की वणी तहसील अंतर्गत शिरपुर गांव के निवासी है. जिन्होंने वाराणसी आयआयटी से अभियांत्रिकी स्नातक की पदवी प्राप्त की थी उनके पिता सुधाकर रामटेके लैब असिस्टंट के पद से सेवानिवृत्त हुए है तथा उनकी मां ज्योत्सना रामटेके भी इलेक्ट्रीक इंजीनियर है. सुमित रामटेके यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण करते हुए आयपीएस अधिकारी बने थे और उन्हें उत्तरप्रदेश कैडर दिया गया था. जिसके चलते इस समय वे कानपुर में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त के तौर पर पदस्थ है. अपने द्बारा की जाती कार्रवाईयों के बारे में जानकारी देते हुए आयपीएस अधिकारी सुमित रामटेके ने बताया कि कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने कानपुर को नशामुक्त जिला बनाने हेतु ‘ऑपरेशन वाइट पाउडर’ अभियान शुरू किया है. जिसके लिए दिसंबर 2025 में उनके ही नेतृत्व तले ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ बनाया गया. इस ग्रुप द्बारा हर दूसरे तीसरे दिन छापा मार कार्रवाईया की जाती है. जिसके चलते विगत 3-4 माह के दौरान करीब 2 हजार किलो मादक पदार्थो को बरामद किया गया. जिनमें गांजा, अफीम, चरस व कोकीन जैसे मादक पदार्थो का समावेश है. जब्त किए गये मादक पदार्थो की कीमत 30 करोड रूपयों के आसपास है.
उल्लेखनीय है कि आयपीएस अधिकारी सुनील रामटेके ने विगत 5 जुलाई को अनुपपुर-पारस मार्ग पर एक कंटेनर की तलाशी ली. जिसमें से करीब 6 करोड रूपए मूल्यों का 440 किलो गांजा जब्त किया गया. इस कंटेनर में गांजे को ‘पुष्पा’ स्टाइल में रखा गया था. इसके तहत कंटेनर के अगले हिस्से में कुछ ऐसा ही साजोसामान दिखाई दे रहा था. जबकि इसके पीछे एक गुप्त खाचा बनाते हुए उसमें गांजा छिपाया गया था. इससे पहले 7 जून को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त रामटेके की टीम ने 600 किलो गांजा जब्त किया था. उत्तरप्रदेश में ओडीशा, आंध्रप्रदेश व नेपाल से दिल्ली एनसीआर मार्ग के जरिए मादक पदार्थो की तस्करी की जाती है. जिसे रोकने के लिए कानपुर पुलिस द्बारा युध्दस्तर पर काम किया जा रहा है.

Back to top button