परिवार नियोजन में अब भी महिलाओं पर अधिक जिम्मेदारी
एक साल में सिर्फ 169 पुरुषों ने कराई नसबंदी

अमरावती /दि.10 – परिवार नियोजन को लेकर जागरूकता बढ़ने के बावजूद जिले में इसकी जिम्मेदारी अब भी मुख्य रूप से महिलाओं पर ही है. वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 4,373 परिवार नियोजन (नसबंदी) सर्जरी हुईं, जिनमें 4,204 महिलाओं ने नसबंदी कराई, जबकि सिर्फ 169 पुरुषों ने पुरुष नसबंदी करवाई.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पुरुष नसबंदी महिलाओं की तुलना में अधिक सरल, सुरक्षित और प्रभावी प्रक्रिया है. इसके बावजूद सामाजिक भ्रांतियों और जागरूकता की कमी के कारण पुरुष इसमें आगे नहीं आ रहे हैं. जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण पारिसे ने कहा कि परिवार नियोजन केवल महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है. यदि पुरुष भी आगे आएं तो महिलाओं पर सर्जरी का बोझ कम होगा और परिवार नियोजन कार्यक्रम अधिक प्रभावी बन सकेगा. विभाग का कहना है कि ये सभी धारणाएं गलत हैं. पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित और सरल प्रक्रिया है, जिसका यौन क्षमता या सामान्य जीवन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता. आंकड़े बताते हैं कि पुरुष नसबंदी के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में कुछ बढ़ोतरी हुई है, लेकिन कुल परिवार नियोजन सर्जरी में उनकी भागीदारी अभी भी बहुत कम है. स्वास्थ्य विभाग पुरुषों को आगे आकर परिवार नियोजन में समान जिम्मेदारी निभाने की अपील कर रहा है.
* पुरुष नसबंदी को लेकर फैली हैं गलतफहमियां
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पुरुष नसबंदी को लेकर कई मिथक प्रचलित हैं, जैसे मर्दानगी कम हो जाती है, शारीरिक ताकत घट जाती है, यौन क्षमता प्रभावित होती है, लंबे समय तक आराम करना पड़ता है.
* महिलाओं और पुरुषों को मिलने वाला प्रोत्साहन
– महिला नसबंदी: 2 हजार प्रोत्साहन राशि.
– पुरुष नसबंदी: 3 हजार प्रोत्साहन राशि.
– इसके बावजूद पुरुषों की भागीदारी बेहद कम बनी हुई है.
* पिछले चार वर्षों के आंकड़े
वर्ष महिला नसबंदी पुरुष नसबंदी
2022-23 5,729 181
2023-24 4,950 75
2024-25 4,868 123
2025-26 4,204 169





