क्रिकेट बेटिंग व ऑनलाईन जुए के लिए खोले जाते थे बेनामी बैंक खाते

महादेव एप, रेड्डी अन्ना व दुबई एक्सचेंज के लिए होता था प्रयोग

* वर्धा पुलिस ने सायबर जालसाजी के बडे रैकेट का किया खुलासा
* एलसीबी ने 6 आरोपी पकडे, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
वर्धा/दि.11 – जरूरतमंद लोगों को फायनान्स के कामों का लालच दिखाकर फांसते हुए उनके नाम पर अलग-अलग बैंकों में अकाऊंट खोलने और फिर उन बैंक खातों का प्रयोग क्रिकेट बेटिंग व ऑनलाईन जुए के व्यवहारों हेतु करनेवाले एक बडे अंतरराज्यीय रैकेट का वर्धा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस मामले में अब तक 6 आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए गिरोह में शामिल अन्य की तलाश करनी शुरू की है. इस मामले के उजागर होते ही अच्छा खासा हडकंप मचा हुआ है.
इस संदर्भ में मिली जानकारी के मुताबिक, वर्धा जिले के बोरगाव निवासी प्रतिक जितेंद्र लोखंडे व उसके दोस्त दक्ष वासनिक को उनके ही परिचय में रहनेवाले तन्मय भगत व सनी होलानी ने फायनान्स का काम रहने की बात कहते हुए आयडीबीआय बैंक की इंजापूर शाखा में बैंक खाता खोलने व नया सिमकार्ड लेने हेतु कहा. बैंक खाता खोलने के बाद आरोपियों ने उनके एटीएम कार्ड व पासवर्ड को अपने पास रखा. इस दौरान प्रतिक लोखंडे को पैसों की जरूरत पडने पर जब उसने अपने बैंक खाते से चेक के जरीए 40 हजार रूपये निकाले तो इसकी जानकारी मिलते ही दोनों आरोपियों ने उससे पैसों की मांग करते हुए उसे जान से मार देने की धमकी दी. यह बात प्रतिक लोखंडे को काफी अजिब लगी और उसने बैंक में जाकर पूछताछ की तो उसके पैरो तले से जमीन ही खिंसक गई. क्योंकि महज एक माह के भीतर उसके बैंक खाते से करीब 22 लाख रूपये का आर्थिक लेन-देन हुआ था. यह पूरा मामला संदेहास्पद रहने की बात ध्यान में आते ही प्रतिक लोखंडे ने वर्धा पुलिस थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज करायी थी. 30 अप्रैल 2026 को यह मामला दर्ज होने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार थे. जिन्हें अब वर्धा पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है.
जिनके द्वारा पीसीआर में दी गई जानकारी को सुनकर पुलिस भी हैरत में पड गई. क्योंकि दोनोंं आरोपियों ने पुलिस को बताया कि, वे वर्धा जिले के गरीब व जरूरतमंद लोगों सहित छात्र-छात्राओं को खोजकर उन्हें दो से तीन हजार रूपये का लालच दिया करते थे और आयडीबीआय बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र या एसबीआय जैसी बैंको में उनके बैंक खाते खोला करते थे. पश्चात इन बैंक खातों व उनके चेकबुक सहित सिमकार्ड को 10 से 15 हजार रूपये में आगे मुख्य आरोपियों को बेचा करते थे. ऐसे में पुलिस ने इस बैंक खातों को खरिदनेवाले गितेश राजकुमार सेवलानी, अंकुर सुभाष जैन (दोनों वर्धा निवासी) तथा पंकज उर्फ पंकू राजेश लालवानी (जरिपटका नागपूर) को पहले गिरफ्तार किया. साथ ही छठवें फरार आरोपी गितेश सावलदास पंजवानी (दयालनगर वर्धा) को भी गिरफ्तार करते हुए अदालत के सामने उपस्थित कर पुलिस कस्टडी रिमांड में लिया गया.

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