बडनेरा के नये उडानपुल का लोकार्पण फंसा श्रेयवाद की लडाई में

रेलवे की अधिकृत निमंत्रण पत्रिका में सांसद को स्थान, महापौर गायब

* राणा की पत्रिका से सांसद वानखडे व विधायक पोटे ‘आउट’, महापौर तेजवानी ‘इन’
* 67 करोड रूपयों की लागत से हुआ है रेलवे उडानपुल का निर्माण
अमरावती/दि.11 – मध्य रेलवे के बडनेरा व अमरावती रेलवे स्टेशनों के दरमियान जूनी बस्ती बडनेरा में रेलवे फाटक क्रमांक एस-1 पर करीब 67 करोड रूपए की लागत से बनाए गये फोरलेन रेलवे उडानपुल का लोकार्पण कल रविवार 12 जुलाई को सुबह 11 बजे पुराना जकात नाका चौक में होने जा रहा है. परंतु लोकार्पण से पहले ही यह रेलवे पुल श्रेयवाद की लडाई व राजनीति में उलझता दिखाई दे रहा है. क्योंकि इस लोकार्पण समारोह को लेकर मध्य रेलवे की ओर से प्रकाशित निमंत्रण पत्रिका में जिले के सांसद बलवंत वानखडे का नाम तो है. परंतु अमरावती महानगर के प्रथम नागरिक व महापौर श्रीचंद तेजवानी के नाम का उल्लेख पत्रिका में नहीं है. वहीं दूसरी ओर बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा की ओर से प्रकाशित की गई स्वतंत्र निमंत्रण पत्रिका में महापौर श्रीचंद तेजवानी व उप महापौर सचिन भेंडे सहित युवा स्वाभिमान पार्टी के गटनेता व पार्षदों के नामों का उल्लेख किया गया है. परंतु विधायक राणा की ओर से प्रकाशित निमंत्रण पत्रिका में सांसद बलवंत वानखडे तथा अमरावती से वास्ता रखनेवाले विधान परिषद सदस्य प्रवीण पोटे, संजय खोडके व बच्चू कडू के नामों का कोई उल्लेख नहीं है. जिसके चलते अब इस कार्यक्रम की दो अलग-अलग निमंत्रण पत्रिका को लेकर नया विवाद पैदा होता दिखाई दे रहा है.
बता दें कि मध्य रेलवे द्बारा 67 करोड रूपए का खर्च कर इस रेलवे उडानपुल को तैयार किया गया. जिसका लोकार्पण करने हेतु कल रविवार 12 जुलाई को मध्य रेलवे की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस हेतु मध्य रेलवे ने अपने प्रोटोकाल के अनुसार निमंत्रण पत्रिका तैयार की है. इस निमंत्रण पत्रिका में जिले के सांसद बलवंत वानखडे का नाम तो शामिल है. परंतु शहर के प्रथम नागरिक श्रीचंद तेजवानी का नाम गायब है. वहीं बडनेरा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा का नाम सबसे अंत में दिया गया है. दूसरी ओर विधायक रवि राणा ने स्वतंत्र निमंत्रण पत्रिका तैयार की है. जिसमें विधायक रवि राणा व पूर्व सांसद नवनीत राणा का अग्रक्रम पर उल्लेख किया गया है तथा महापौर श्रीचंद तेजवानी व उप महापौर सचिन भेंडे सहित स्थानीय नगरसेवकों के नामों को भी शामिल किया गया है. लेकिन जिले के सांसद बलवंत वानखडे सहित विधायक प्रवीण पोटे पाटिल, संजय खोडके व बच्चू कडू के नामों का उल्लेख नहीं किया गया है.
ऐसे में अब यह चर्चा चल पडी है कि वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की जानबूझकर अनदेखी करते हुए विधायक राणा द्बारा पूरे कार्यक्रम का श्रेय खुद लेने का प्रयास किया जा रहा है. सरकारी विकास कामों का श्रेय लेने हेतु जनप्रतिनिधियों में स्पर्धा रहना कोई नई बात नहीं है. परंतु अधिकृत कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधियों के नामों का उल्लेख ही नहीं करना संसदीय परंपरा व राजकीय शिष्टाचार के अनुकूल भी नहीं है. ऐसे में इस निमंत्रण पत्रिका को लेकर यह सवाल उपस्थित हो रहा है कि कहीं विधायक रवि राणा प्रसिध्दी के लिए विकास कामों को राजनीतिक रंग तो नहीं दे रहे, ऐसे में अब आगामी स्थानीय स्वायत्त के चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह विवाद और भी अधिक बढने के पूरे संकेत है और इस समय बडनेरा उडानपुल के लोकार्पण से पहले ही श्रेयवाद को लेकर राजनीति तपी हुई है. ऐसे में इस राजनीतिक तनातनी का आगे चलकर क्या परिणाम निकलता है, इस ओर सभी की निगाहें लगी है.

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