सिंड्रोमिक जन्मजात दोष रहनेवाले बालक को आयुर्वेद की ‘संजीवनी’
शिरोधारा उपचारों से सर्वांगिण विकास में बडा बदलाव

* डॉ. चरण सोनारे के प्रयास सफल
वरुड/दि.14– डाऊन सिंड्रोम (मंगोलिझम) जैसे जटिल शारीरिक-मानसिक स्थिति में भी आयुर्वेद और पंचकर्म उपचार पद्धति एक बडी आशा की किरण साबित हो सकती है, यह बात डॉ. चरण सोनारे के सफल उपचार से पुन: एक बार साबित हुई है. जन्म से ही विविध शारीरिक व मानसिक दोषों का सामना करनेवाले एक बालक के सर्वांगिण विकास में हुआ कमाल का सकारात्मक बदलाव को देखकर पालकों को भी अब नई उर्जा मिली है.
शिरोधारा यह मानसिक तनाव कम करनेवाली, मज्जा संस्था को शांत करनेवाली और दिमाग के कार्य को काफी बढावा देनेवाली एक प्रभावी प्रक्रिया है. इसमें औषधीयुक्त तेल कपाल पर विशेष पद्धति से, विशेष उंचाई से धारा स्वरुप में छोडा जाता है. इससे नींद में सुधार होता है. बच्चों की चीडचीड कम होती है, एकाग्रता बढाने में काफी सहायक होती है. लगातार कुछ महिनों तक शिरोधारा और अन्य आयुर्वेद औषधोपचार देने पर बच्चे में सकारात्मक बदलाव नजर आए. उनकी शारीरिक हलचलों में काफी सुधारणा हुई, बात करने में स्पष्टता आई.
उसकी पढाई करने की रफ्तार और स्मरणशक्ति में भी बडा बदलाव महसूस होने लगा. इस सफल उपचार से पालकों में आनंद तथा संतोष का माहौल है. अपने बच्चे का विकास बहुत ही सीमित रहेगा, ऐसा भय इस दंपति को लगता था, परंतु आयुर्वेद की वजह से हमारे बेटे में हमें सचमुच ही संजीवनी मिलने के जैसे बदलाव दिखा है, ऐसी भावना पालकों ने व्यक्त की. डॉ. सोनारे के सफल प्रयासों से एक नया विश्वास निर्माण हुआ है. समय पर तथा तज्ञों के मार्गदर्शन में लिए हुए उपचार यह सही अर्थो में बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है.
* बहुत ही खुशी की बात है
डॉ. सोनारे की विशेष उपचार पद्धति से हमारे शाला के एक छात्र की बौद्धिक तथा शारीरिक विकास में खास तौर पर प्रगति का एहसास हो रहा है. इन उपचारों की वजह से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी काफी सुधार हो रहा है, यह बहुत खुशी की बात है.
– भूपेंद्र पोहरकर, मुख्याध्यापक.
* डाऊन सिंड्रोम यह बीमारी पूरी तरह जड से खत्म नहीं होती, परंतु आयुर्वेद की योग्य सहायता से ऐसे बच्चों का ज्यादा से ज्यादा विकास कर उन्हें आत्मनिर्भर बना सकते है. शिरोधारा उपचार पद्धति दिमाग की सेल्स को पोषक देती है. शरीर व मन का संतुलन बनाए रखती है. समय पर शुरु किए गए उपचारों की वजह से निश्चित ही अच्छे रिजल्ट मिलते है.
– डॉ. चरण सोनारे.





