दो साल बाद मालखेड की सावंगा झील में लौटे ग्रेटर फ्लेमिंगो
पक्षी प्रेमियों में उत्साह

चांदूर रेलवे/दि.14- अमरावती जिले की मालखेड स्थित सावंगा झील में करीब दो वर्ष बाद ग्रेटर फ्लेमिंगो (रोहित पक्षी) का आगमन हुआ है. इन दुर्लभ प्रवासी पक्षियों के दिखाई देने से पक्षी प्रेमियों और वन्यजीव फोटोग्राफरों में उत्साह का माहौल है.
सबसे पहले पक्षी विज्ञानी आनंद मोहोड़ ने झील पर इन पक्षियों को देखा और उनकी तस्वीरें लेकर अन्य पक्षी प्रेमियों के साथ जानकारी साझा की. इसके बाद वन्यजीव फोटोग्राफर डॉ. गजानन वाघ, प्रशांत निकम, अमेय ठाकरे और राजमेहर निशाने ने भी झील का दौरा कर पक्षियों का अवलोकन किया. अवलोकन के दौरान झील में कुल सात ग्रेटर फ्लेमिंगो दर्ज किए गए. विशेषज्ञों के अनुसार, ये सभी किशोर (जुवेनाइल) अवस्था के पक्षी हैं. इनके पंख अभी भूरे-धूसर रंग के हैं और वयस्क फ्लेमिंगो की तरह गुलाबी रंग विकसित नहीं हुआ है. भोजन में मौजूद कैरोटीनॉयड तत्वों के प्रभाव से अगले दो से तीन वर्षों में इनके पंख धीरे-धीरे गुलाबी रंग के हो जाएंगे.
आनंद मोहोड़ ने बताया कि सर्दियों में फ्लेमिंगो भोजन की तलाश में कच्छ के रण तथा अन्य उत्तरी क्षेत्रों से दक्षिण और मध्य भारत की ओर आते हैं. मानसून शुरू होने पर वे अपने मूल प्रजनन स्थलों की ओर लौटते हैं. वापसी की इस लंबी यात्रा के दौरान सुरक्षित आर्द्रभूमि उनके लिए विश्राम और भोजन का महत्वपूर्ण केंद्र होती है. मालखेड की सवांगा झील भी ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो रही है. उल्लेखनीय है कि इस झील में ग्रेटर फ्लेमिंगो इससे पहले 2024 में और उससे पहले 2004 में दर्ज किए गए थे. दो साल बाद इनकी वापसी को स्थानीय जैव विविधता और आर्द्रभूमि संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.





