… अन्यथा अगस्त माह में दो दिन आड होगी जलापूर्ति

मानसून की सुस्त रफ्तार ने बढाई चिंता

* जलापूर्ति पर मंडरा रहा जबरदस्त खतरा
* अप्पर वर्धा बांध में केवल 50 फीसद पानी
अमरावती/दि.13- जून माह के अंतिम सप्ताह तथा जुलाई माह के पहले सप्ताह के दौरान जोरदार बारिश होने के बाद पिछले पांच दिनों के दौरान अमरावती जिले में मानसून की रफ्तार पूरी तरह से सुस्त पड गई है. पिछले पांच दिनों से एक बुंद पानी नहीं बरसा. चुंकि इस बार जिले में बारिश का आगमन काफी विलंब से हुआ और इसके बाद मानसून की रफ्तार बेहद सुस्त है. जिसके चलते अमरावती शहर सहित जिले भर जलापूर्ति को लेकर संकट मंडराता दिखाई दे रहा है. साथ ही इसका असर अमरावती व बडनेरा शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पडने की भी पूरी संभावना है. क्योंकि अमरावती व बडनेरा शहर को पानी उपलब्ध कराने वाले अप्पर वर्धा बांध में इस समय केवल 60 फीसद जलसंग्रह उपलब्ध है. ऐसे में यदि जारी जुलाई माह के शेष दिनोें के दौरान जिले में पर्याप्त वर्षा नहीं होती है तो अगस्त माह से शहर की मौजुदा जलापूर्ति व्यवस्था में बदलाव करते हुए एक दिन आड की बजाए दो दिन आड जलापूर्ति करने की व्यवस्था पर अंमल किया जा सकता है.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए जीवन प्राधिकरण के कार्यकारी अभियंता संजय लेवरकर ने बताया कि, आगामी गर्मी के मौसम तक जलापूर्ति हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अभी से सतर्क जलप्रबंधन करना बेहद जरूरी है. अप्पर वर्धा बांध में अब तक अपेक्षित जलसंग्रहण नहीं हो पाने के चलते स्थिती पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा आगामी 31 जुलाई तक बारिश की स्थिती का आकलन करते हुए आगे का निर्णय लिया जाएगा.

* अलनिनो के खतरे को देखते हुए पहले ही अलर्ट
बता दे कि, इस वर्ष अलनिनो के प्रभाव की वजह से बारिश कम होने की आशंका पहले ही जताई गई थी. जिसके चलते जलसंकट की संभावना भी काफी पहले व्यक्त की गई. इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु पहले से पूर्व तैयारी करने के निर्देश दिए थे. जिसके चलते जिला पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने तीन माह पहले ही मनपा अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर सार्वजनिक व निजी जलस्त्रोतों की जानकारी को संकलित करने तथा जल संरक्षण उपायों को गतिमान करने का निर्देश जारी किया था.

* 20 प्रतिशत पानी की नाहक होती है बर्बादी
मजीप्रा के सुत्रों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, अप्पर वर्धा बांध से अमरावती के राजुरा परिसर स्थित जल शुध्दीकरण केंद्र तक लाने व वहां से लोगों के घरों तक पानी पहुंचाने की प्रक्रिया में करीब 20 प्रतिशत पानी की बर्बादी होती है. अप्पर वर्धा बांध में पानी की उपलब्धता तथा शहर की पानी संबंधी जरूरतों को देखते हुए इस समय शहर में एक दिन की आड लेते हुए जलापूर्ति की जा रही है. परंतु यदि बारिश को लेकर स्थिती में कोई सुधार नहीं होता है तो संभवतः अगस्त माह से दो-दो दिन की आड लेकर जलापूर्ति करने की व्यवस्था पर अंमल किया जा सकता है.

* शहर में 4500 हैंडपंपों की मरम्मत का काम शुरू
मनपा के कार्यकारी अभियंता सुहास चव्हाण द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अमरावती व बडनेरा क्षेत्र में मनपा द्वारा स्थापित करीब 4500 हैंडपंप है. जिसमें से बंद पडे हैंडपंपों को शुरू करने का काम शुरू कर दिया गया. साथ ही साथ केंद्र सरकार की ओर से जलपुनर्भरण कामों के लिए प्राप्त 50 लाख रूपयों की निधी से विभिन्न जलसंवर्धन व भूजल संरक्षण के काम किए जा रहे है.

* पानी का बचतपूर्व उपयोग ही समय की जरूरत
मजीप्रा के कार्यकारी अभियंता संजय लेवरकर के मुताबिक विगत लंबे समय से पानी का बचतपूर्व प्रयोग करने को लेकर जनजागृति की जा रही है. इसके तहत सभी को पानी का महत्व भी समझाया जा रहा है. यदि अब भी पानी का संभलकर प्रयोग नहीं किया गया और पानी की बचत नहीं की गई तो भविष्य में काफी अधिक भयावह स्थिती पैदा हो सकती है. ऐसे में बेहद जरूरी है कि भविष्य की स्थिती का आकलन करते हुए पानी की बचत को लेकर ध्यान दिया जाए.

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