बडनेरा-भुसावल तीसरी-चौथी रेल लाइन परियोजना

रेलवे की सख्ती, अवैध निर्माण पर नहीं मिलेगा मुआवजा

* ड्रोन और वीडियो सर्वे में चार माह में 113 अवैध निर्माण मिले
* 30 मीटर दायरे में बिना एनओसी निर्माण करने वालों को 7 दिन में हटाने का नोटिस
अमरावती/दि.13 – बडनेरा और भुसावल के बीच प्रस्तावित तीसरी एवं चौथी रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है. इसी बीच रेलवे ने परियोजना क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मध्य रेलवे ने स्पष्ट किया है कि रेलवे सीमा के 30 मीटर के भीतर बिना अनुमति किए गए किसी भी निर्माण पर कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा. साथ ही ऐसे निर्माण कराने वाले दलालों और भू-माफियाओं के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी.
रेलवे द्वारा कराए गए ड्रोन और वीडियो सर्वे में मार्च से जून के बीच मात्र चार महीनों में रेलवे सीमा के 30 मीटर के भीतर बिना अनापत्ति प्रमाणपत्र के 113 अवैध निर्माण पाए गए. रेलवे को आशंका है कि इनमें से अधिकांश निर्माण अधिक मुआवजा दिलाने का झांसा देकर दलालों की मिलीभगत से कराए गए हैं. हाल ही में बडनेरा के माताफैल और पचबंगला क्षेत्र में रेलवे भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमणों को रेलवे सुरक्षा बल की मौजूदगी में हटाया गया. रेलवे प्रशासन ने पूरे परियोजना क्षेत्र में निगरानी के लिए अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किए हैं और रेलवे भूमि पर नए अतिक्रमण रोकने के लिए अभियान तेज कर दिया है. रेलवे ने संबंधित ग्राम पंचायतों, नगर परिषदों, मनपा और नियोजन प्राधिकरणों को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि रेलवे की पूर्व अनुमति के बिना रेलवे सीमा के 30 मीटर के भीतर किसी भी नए निर्माण या ले-आउट को मंजूरी न दी जाए. रेलवे बोर्ड के यूडीसीपीआर प्रावधानों के अनुसार रेलवे सीमा के 30 मीटर के भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले रेलवे की अनुमति लेना अनिवार्य है. सर्वे के बाद किए गए सभी नए निर्माण अवैध माने जाएंगे और उन्हें हटाकर कोई मुआवजा या हर्जाना नहीं दिया जाएगा.
रेलवे निर्माण विभाग ने भुसावल-बडनेरा रेलखंड के बीच 30 मीटर दायरे में अवैध निर्माण करने वालों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं. निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं होने पर बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण हटाया जाएगा. रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि लोगों को झूठे मुआवजे का लालच देकर रेलवे भूमि पर निर्माण कराने वाले दलालों और भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कड़ी कानूनी एवं आपराधिक कार्रवाई की जाएगी. मध्य रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी चेतन फडनीस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी दलाल के झांसे में न आएं और रेलवे सीमा के भीतर बिना अनुमति निर्माण कर अपनी मेहनत की कमाई बर्बाद न करें. रेलवे ने दोहराया है कि अवैध निर्माण पर किसी भी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा.

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