वेतन नहीं मिला तो काम बंद करेंगे मनपा सफाई कर्मी
कोणार्क के विरोध में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.13 – अमरावती मनपा के अंतर्गत ठेका पद्धति से संचालित ठोस अपशिष्ट (वेस्ट मैनेजमेंट) कार्य में लगे सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों ने वेतन भुगतान में कोणार्क कंपनी द्वारा हो रही देरी को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है.
ज्ञापन में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य संभाल रही कोणार्क कंपनी श्रम कानूनों के प्रावधानों का पालन नहीं कर रही है तथा सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों के वेतन का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है. इससे मजदूरों के सामने परिवार का पालन-पोषण करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनका लंबित वेतन नहीं दिया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे. उन्होंने कहा कि वेतन न मिलने की स्थिति में काम बंद रखने के दौरान यदि शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी कोणार्क कंपनी और अमरावती महानगरपालिका प्रशासन की होगी. ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि कोणार्क कंपनी के खिलाफ श्रम कानूनों के उल्लंघन के मामले में उचित कार्रवाई की जाए तथा सफाई कर्मचारियों और वाहन चालकों का लंबित वेतन तत्काल दिलाया जाए, ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता न अपनाना पड़े. ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष नारायणराव चव्हाण, मुख्य सचिव सुनील घटाले, कोषाध्यक्ष प्रमोद गायकवाड, राजेश चावरे, जाकीर भाई, मजीब भाई, राजू आहाके, अजीज भाई, आरिफ भाई, शुभम भजगोरे, सतीश वानखडे, मो. इमरान समेत अन्यों का समावेश था.
* निगमायुक्त ने दिया आश्वासन
नये मनपा आयुक्त डॉ. मंगेश गोंदावले से भी संगठन के पदाधिकारियों ने वेतन मिलने की मांग को लेकर मुलाकात की. मनपा पहुंचे इन कर्मचारियों से बातचीत करते हुए निगमायुक्त डॉ. गोंदावले ने कहा कि, कामबंद करने की आवश्यकता नहीं है. वे कोणार्क कंपनी के अधिकारियों से बातचीत कर निश्चित रुप से मार्ग निकालने का प्रयास करेंगे.





