सातनूर ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.13 – वरुड तहसील के सातनूर ग्राम पंचायत में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी निधियों के दुरुपयोग के मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता पवन किसनराव चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि भ्रष्टाचार की शिकायत करने के बावजूद जांच अधूरी छोड़ दी गई और शिकायतकर्ता को ही विभिन्न मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया.
ज्ञापन के अनुसार, पिछले चार-पांच वर्षों से सातनूर ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में अनियमितताएं, सरकारी निधि का दुरुपयोग और नियमों के विपरीत कार्य किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. शिकायतकर्ता पवन चौधरी ने ग्राम पंचायत सदस्यों और ग्रामीणों के साथ मिलकर मामले की लिखित शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की थी, जिसके बाद जांच के लिए टीम गठित की गई. ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. इनमें मनरेगा से जुड़े कार्यों में कथित गड़बड़ी, 15वें वित्त आयोग के तहत बिना कार्यादेश के भुगतान, ग्राम पंचायत में आवक-जावक रजिस्टर का अभाव, कर वसूली की राशि समय पर कैश बुक में जमा नहीं करना, संदिग्ध मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करना, जलापूर्ति कार्यों में सार्वजनिक धन के दुरुपयोग तथा मनरेगा के तहत तालाबों की बिना गाद निकासी किए फर्जी मजदूर, फर्जी मस्टर रोल और कथित फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से राशि निकालने जैसे आरोप शामिल हैं.
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जांच के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार पाए जाने की आशंका के चलते जांच को प्रभावी ढंग से आगे नहीं बढ़ाया गया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर उन्हें दबाव में लेने की कोशिश की गई. ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर से पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा शिकायतकर्ताओं को न्याय दिलाने की मांग की गई है. ज्ञापन सौंपने वालों में पवन चौधरी, नीतेश अडमाची, मारोती धुर्वे, नीलेश पाटिल, गोपाल युवनाते, हर्षल कुमरे, आदिल कुमरे, उमेश युवनाते, अनिल सिरसाम, सुरेश कुमरे, रोहित तुसराम, चंद्रशेखर धुर्वे, गौरव उइके का समावेश था.





