बारिश की कमी से किसानों की बढ़ी चिंता
1.12 लाख हेक्टेयर में बुआई अब भी बाकी

अमरावती/दि.14– जिले में मानसून की रफ्तार थमने से खरीफ फसलों पर संकट गहराने लगा है. लगातार कई दिनों से पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण नई उगी फसलें मुरझाने लगी हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है. कृषि विभाग के अनुसार जिले में अभी भी करीब 1.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई बाकी है. यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो कपास और सोयाबीन की बुआई प्रभावित होने की आशंका है.
‘महावेध’ के आंकड़ों के अनुसार 13 जुलाई तक जिले में औसतन 262 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 200.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य का 76.6 प्रतिशत है. अमरावती, भातकुली, अचलपुर, चांदूर रेलवे, तिवसा और धामणगांव रेलवे तहसीलों में सामान्य से 24 प्रतिशत कम वर्षा हुई है. वहीं जुलाई के पहले 12 दिनों में लगभग 48 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई. जिले में खरीफ सीजन के लिए 6.82 लाख हेक्टेयर का औसत रकबा है. इसके मुकाबले अब तक 5.66 लाख हेक्टेयर (83 प्रतिशत) में ही बुआई पूरी हो सकी है, जबकि 1.12 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई शेष है.
* प्रमुख फसलों की बुआई
कपास 2,45,242 हेक्टेयर, सोयाबीन 1,79,691 हेक्टेयर, अरहर (तूअर) 97,346 हेक्टेयर में बुआई हुई है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए हल्की उथली जुताई करें और छोटे पौधों की जड़ों को नुकसान से बचाएं. यदि नमी की कमी के कारण पौधे लगातार मुरझाने लगें तो हल्की स्प्रिंकलर सिंचाई करें.