तुकाराम मुंंढे इम्पैक्ट, ऑईल कंपनी पर छापा
3 करोड का पामतेल जब्त

* छ. संभाजीनगर में हुई कार्रवाई, जबरदस्त हडकंप
छत्रपति संभाजीनगर/दि.13- राज्य में अन्न व औषध प्रशासन द्वारा विगत एक माह से जबरदस्त छापामार कार्रवाईयां की जा रही है. जिसके तहत छोटे-मोटे गांवखेडों की पानटपरियों से लेकर शहरों व महानगरों में स्थित बडी कंपनियों तक एफडीए के अधिकारी पहुंच चुके है. आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे द्वारा एफडीए के आयुक्त पद का पदभार स्विकार करने के बाद जबरदस्त कार्रवाईयां हो रही है. जिसके चलते खाद्यपेय पदार्थों के उत्पादकों एवं विक्रेताओं में जबरदस्त हडकंप व्याप्त है. जिसे तुकाराम मुंढे इम्पैक्ट माना जा रहा है. इसी के तहत जहां बिते सप्ताह छत्रपति संभाजी नगर में मिलावटी दूध के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई की गई थी, वहीं अब एक खाद्यतेल उत्पादक कंपनी पर छापा मारकर करीब 3 करोड रूपयों का पामतेल जब्त किया गया है. जिसके साथ ही छत्रपति संभाजीनगर में खाद्य तेल के नाम पर ग्राहकों के स्वास्थ्य के साथ किये जा रहे खतरनाक खिलवाड का मामला सामने आया.
जानकारी के मुताबिक, अन्न व औषध प्रशासन विभाग ने दो ऑईल रिपॅकिंग युनिट्स पर छापा मारकर करीब 2 करोड 93 लाख रूपये से अधिक मूल्यवाले संदेहित निकृष्ट दर्जे के खाद्यतेल के स्टॉक को जब्त किया. कार्रवाई के दौरान अस्वच्छ वातावरण, प्रयोग में लाए गए डिब्बों का दोबारा प्रयोग, फुड ग्रेड प्रमाणपत्रों का अभाव तथा प्रयोगशाला के बिना तेल की पैकिंग जैसी कई गंभीर त्रृटियां उजागर हुई. जिसके चलते दोनों आस्थापनाओं के लायसेंस को तत्काल निलंबित किया गया. बताया गया कि ‘सेफ फूड, सेफ महाराष्ट्र’ अभियान अंतर्गत अन्न व औषध प्रशासन के पथक ने 11 जुलाई को पैठन स्थित बागरिया अॅग्रो प्रोडक्ट्स तथा छत्रपती संभाजी नगर शहर स्थित बागरिया वेजिटेबल प्रोडक्ट्स नामक दो ऑईल रिपैकिंग युनिट्स पर अचानक छापा मारा. दोनों ही स्थानों पर पडताल के दौरान पाया गया कि, खाद्य तेल की रिपैकिंग का काम बेहद अस्वच्छ परिस्थिति में चल रहा था और पहले प्रयोग में लाए जा चुके टिन के डिब्बों का दोबारा प्रयोग किया जा रहा था. साथ ही यंत्र सामुग्री पर धूल व गंदगी जमा हुई थी. इसके अलावा फुड ग्रेड प्रमाणपत्र एवं तेल की गुणवत्ता जांचने हेतु प्रयोगशाला व तांत्रिक कर्मचारियों का भी अभाव था. जिसके चलते इस कार्रवाई के दौरान पाम, सोयाबिन, कपास व अज्ञात वनस्पती तेल सहित कुल 2 करोड 93 लाख 35 हजार 603 रूपयों के संदेहित निकृष्ट दर्जेवाले खाद्य तेल का स्टॉक जब्त किया गया. साथ ही तेल के सैम्पलों को आगे की जांच के लिए प्रयोग शाला में भेजते हुए ग्राहकों के स्वास्थ्य की दृष्टी के लिहाज से दोनों आस्थापनाओं के लायसन्स तत्काल निलंबित कर दिए गए.

* फलटन के होल गांव में बिना गाय-भैंस के ही तैयार हो रहा था सैकडों लीटर दूध
– नकली दूध के रैकेट का हुआ पर्दाफाश, एफडीए की बडी कार्रवाई
उधर सातारा जिले की फलटन तहसील अंतर्गत होल गांव में एफडीए ने एक बडी कार्रवाई करते हुए नकली दूध के एक बहुत बडे रैकेट का खुलासा किया है. जिसके तहत यह सनसनीखेज जानकारी सामने आयी है कि, होल गांव में बिना गाय-भैस के ही हजारों लीटर दूध तैयार किया जा रहा था और इस दूध की जमकर विक्री भी की जा रही थी. पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए एफडीए के पथक ने बिना गाय-भैस वाले तबेले से हजारों लीटर नकली दूध जब्त करने के साथ ही नकली दूध तैयार करने हेतु प्रयुक्त होने वाले केमिकल्स व अन्य संदेहास्पद साहित्य की खेप को जब्त किए गए माल के सैम्पल तत्काल ही जांच व परिक्षण हेतु प्रयोगशाला में भिजवाए गए तथा संबंधित आरोपियों के खिलाफ फलटन ग्रामीण पुलिस थाने में अपराधिक मामला दर्ज कराया गया.
* मराठवाडा में दूध का संकलन 1 लाख लीटर से घटा
तुकाराम मुंढे इम्पैक्ट के चलते मराठवाडा में विगत एक माह के दौरान दूध संकलन में करीब 1 लाख लीटर की कमी आयी है तथा एफडीए द्वारा मिलावटी दूध के खिलाफ की जानेवाली कार्रवाई के चलते मिलावटखोरों में अच्छा खासा हडकंप व्याप्त है और मिलावटी दूध की विक्री पर अंकुश लगा है. बता दे कि, मराठवाडा में नकली व मिलावटी दूध के खिलाफ अन्न व औषध प्रशासन विभाग द्वारा विगत एक माह के दौरान जबरदस्त अभियान चलाया गया. जिसके तहत कई स्थानों पर छापामार कार्रवाई भी की गई. जिसके बाद दूध संकलन में उल्लेखनिय कमी आयी है.





