अमित शाह से मुलाकात के बाद बोले एकनाथ शिंदे

मंत्रिमंडल विस्तार नहीं, विकास कार्यों पर हुई चर्चा

नई दिल्ली/मुंबई/दि.15- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद स्पष्ट किया कि बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार या किसी राजनीतिक समीकरण पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि महाराष्ट्र के विभिन्न विकास कार्यों और सांसदों के क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की गई.
हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर शिवसेना (शिंदे) में शामिल हुए छह सांसदों के साथ शिंदे ने दिल्ली में अमित शाह से करीब 50 मिनट तक बैठक की. इस मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन पत्रकार परिषद में शिंदे ने कहा कि बैठक पूरी तरह विकास कार्यों पर केंद्रित थी. उन्होंने बताया कि कृष्णा-मराठवाड़ा सिंचन परियोजना, रेलवे, सड़क विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न विकास योजनाओं से संबंधित प्रस्ताव और मांगपत्र अमित शाह को सौंपे गए.
* डॉ. श्रीकांत शिंदे को मिली समन्वय की जिम्मेदारी
एकनाथ शिंदे ने बताया कि दिल्ली स्तर पर विकास कार्यों के समन्वय की जिम्मेदारी शिवसेना के लोकसभा गुटनेता सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को सौंपी गई है. अब वे पुराने सात और नए छह, कुल 13 सांसदों के विकास प्रस्तावों का केंद्रीय मंत्रालयों के साथ समन्वय करेंगे.
* संजय राऊत को दिया जवाब
शिवसेना (उद्धव ठाकरे) के नेता संजय राऊत द्वारा चोरी का माल लेकर दिल्ली गए जैसी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता जानती है कि बालासाहेब ठाकरे के विचारों और हिंदुत्व से किसने समझौता किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राज्य के विकास की बात करती है, जबकि विरोधी केवल आलोचना में लगे हैं.
* शरद पवार-जयंत पाटील की मुलाकात पर भी बोले
राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष शरद पवार और जयंत पाटील की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात पर शिंदे ने कहा कि इसे केवल विकास कार्यों और शिष्टाचार भेंट के रूप में देखा जाना चाहिए. इससे किसी राजनीतिक गठबंधन या एनडीए में शामिल होने का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. उन्होंने कहा कि एनडीए में किसी को शामिल करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही लेते हैं.
* ‘रामरक्षा’ आंदोलन पर तंज
ठाकरे गुट के ‘रामरक्षा’ आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा कि जिन्होंने कभी हनुमान चालीसा पढ़ने वालों को जेल भेजा था, वे आज रामरक्षा की बात कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जो अपने दल की रक्षा नहीं कर पाए, वे अब रामरक्षा का आंदोलन चला रहे हैं.
* महिला आरक्षण और परिसीमन पर भरोसा
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी संसदीय सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन (डिलिमिटेशन) से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों पर सकारात्मक निर्णय होगा. उन्होंने कहा कि इन विषयों पर केंद्र सरकार गंभीरता से काम कर रही है.
* भ्रष्टाचार विरोधी कानून का स्वागत
प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों पर भ्रष्टाचार सिद्ध होने की स्थिति में पद समाप्त करने संबंधी संभावित कानून का स्वागत करते हुए शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भ्रष्टाचार मुक्त शासन की दिशा में काम कर रही है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां सरकार का एजेंडा नेशन फर्स्ट है, वहीं विपक्ष का एजेंडा करप्शन फर्स्ट दिखाई देता है.
* छह सांसदों का विलय पूरी तरह वैध
शिंदे ने दावा किया कि ठाकरे गुट से आए छह सांसद दो-तिहाई बहुमत के साथ शिवसेना में शामिल हुए हैं, इसलिए उनका विलय पूरी तरह कानूनी है. उन्होंने बताया कि सभी आवश्यक दस्तावेज और प्रक्रियाएं लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष पूरी कर दी गई हैं और जल्द ही इस पर औपचारिक मुहर लगने की उम्मीद है.
* किसानों को राहत के फैसलों का भी उल्लेख
पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की कर्जमाफी और कृषि पंपों के लगभग 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल माफ करने जैसे बड़े निर्णयों को तेजी से लागू करेगी. साथ ही किसानों को दिन में मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है. राजनीतिक अटकलों के बीच हुई इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट संदेश दिया कि उनकी प्राथमिकता सत्ता समीकरणों से अधिक विकास कार्यों को गति देना है.

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