मानसून में बढ़ा सांप के काटने का खतरा
सरकारी अस्पतालों में 8,556 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध

अमरावती/दि.16– मानसून के दौरान सांपों के बिलों में पानी भरने से उनके आबादी और खेती वाले क्षेत्रों में निकलने की घटनाएं बढ़ रही हैं. इसके चलते जिले में सर्पदंश के मामलों में भी इजाफा हो रहा है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया है.
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिला अस्पताल, उपजिला अस्पताल, ग्रामीण अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 8,556 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं. जरूरत के अनुसार इनकी आपूर्ति सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में की गई है. साथ ही, सर्पदंश के मरीजों के त्वरित उपचार के लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक निर्देश भी जारी किए गए हैं.
अमरावती के जिला शल्यचिकित्सक डॉ. विनोद पवार ने बताया कि जिले के सरकारी अस्पतालों में 8,556 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में अंधविश्वास से दूर रहें और तत्काल सरकारी अस्पताल में उपचार कराएं.
* छह माह में 726 सर्पदंश के मामले, 8 की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच जिले में 726 लोगों का सर्पदंश के कारण इलाज किया गया, जबकि 8 लोगों की मौत हुई. स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.
* विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि आम व्यक्ति के लिए यह पहचानना मुश्किल होता है कि सांप जहरीला है या नहीं. इसलिए किसी भी सर्पदंश की स्थिति में मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाना चाहिए. समय पर एंटी-स्नेक वेनम देने से मरीज की जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है.
* क्या करें, क्या न करें
– रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करें.
– खेतों में काम करते समय रबर के जूते और दस्ताने पहनें.
– घर के आसपास झाड़ियां, कचरा और लकड़ी के ढेर न लगने दें.
– सांप के काटने पर घबराएं नहीं, प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं.
– मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाएं, ओझा, झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में समय बर्बाद न करें.





