एनआईसीयू में नवजात की मौत संदिग्ध?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘सिर में चोट’ का उल्लेख, जांच की मांग

अमरावती/दि.16– जिला महिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में भर्ती एक समयपूर्व नवजात की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट बताए जाने के बाद पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है.
जानकारी के मुताबिक मंगरुल दस्तगीर क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी अवांछित गर्भधारण के बाद गर्भपात की अनुमति के लिए हाई कोर्ट पहुंची थी. उस समय गर्भ लगभग 28 सप्ताह का था. अदालत से अनुमति मिलने के बाद 9 जुलाई को उसे जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और 11 जुलाई को चिकित्सकीय प्रक्रिया के जरिए गर्भपात किया गया. प्रक्रिया के दौरान करीब 850 ग्राम वजन का नवजात जीवित पैदा हुआ, जिसके बाद उसे तत्काल एसएनसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया. हालांकि 12 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले में सबसे अहम तथ्य यह है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में चोट दर्ज किया गया है. इससे यह सवाल उठने लगा है कि नवजात के सिर में चोट कैसे लगी. अस्पताल प्रशासन से संपर्क किए जाने पर संबंधित अधिकारियों ने संभावना जताई कि अत्यंत कम वजन और समयपूर्व जन्मे शिशुओं में आंतरिक रक्तस्राव हो सकती है. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में अधिकृत जानकारी एसएनसीयू के बाल रोग विशेषज्ञ ही दे सकते हैं.
* पोस्टमार्टम क्यों कराया गया?
आमतौर पर अत्यंत कम वजन या समयपूर्व जन्मे नवजात की उपचार के दौरान मृत्यु होने पर हर मामले में पोस्टमार्टम नहीं कराया जाता. पोस्टमार्टम तब कराया जाता है जब मौत का कारण स्पष्ट न हो या परिस्थितियां संदिग्ध हों.
* जांच की मांग
कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत से मिली अनुमति केवल गर्भपात के लिए होती है. यदि प्रक्रिया के बाद नवजात जीवित जन्म लेता है और उसमें जीवन के लक्षण मौजूद हों, तो उसे भी उपचार और जीवन का अधिकार प्राप्त होता है. ऐसे में यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज ‘सिर में चोट’ किस परिस्थिति में हुई. मामले में सहायक पुलिस निरीक्षक शरद अहेर ने बताया कि अस्पताल प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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