बडनेरा में रातोंरात रेलवे फाटक हमेशा के लिए बंद

यातायात बाधित होने से ,नागरिकों में रोष

अमरावती/दि.17-बडनेरा स्थित जूनी बस्ती परिसर के नागरिकों को रविवार की सुबह बडा धक्का बैठा, जब उन्हें पता चला कि रेल प्रशासन ने कोई भी पूर्व सूचना न देते हुए मध्यरात्रि में जुनी बस्ती की ओर जानेवाले रेलवे गेट को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है.
हमेशा की तरह मॉनिंग वॉक के लिए बाहर जानेवाले नागरिक, कृषि मजदूर ,परिसर के काम के लिए जानेवाले कामगार उसी प्रकार किसानों ने रेलवे गेट पर लगाए गए फलक पर पढा कि, यह मार्ग स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. सभी को आश्चर्य का धक्का बैठा, उल्लेखनीय है कि, इसी दिन नवनिर्मित उडानपुल का लोकार्पण भी बडे उत्साह से किया गया. इस पुल के कारण वहां का यातायात सुचारू बनेगा, परिसर के विकास को चालना मिलेगी और नागरिकों को असुविधाएं दूर होगी ऐसा आश्वासन जनप्रतिनिधियों व्दारा दिया गया था. किंतु प्रत्यक्ष में पुरानी बस्ती के नागरिकों के लिए यह परिस्थिति और अधिक कठिन होने का चित्र दिखाई दे रहा है.
जूनी बस्ती क्षेत्र के अधिकांश नागरिक कृषि मजदूर, किसान, ईटभट्टी, व्यावसायिक और रोजंदारी पर काम करने वाले है. परिसर में आना-जाना करने के लिए पूर्व की ओर का रेलवे गेट यही प्रमुख और सुविधाजनक मार्ग था. इस मार्ग से रोजाना हजारों दोपहिया, साइकिल, बैलगाडियां, मालवाहक, हल्के-भारी वाहनों का व्यस्त यातायात होता है, किंतु अब इस मार्ग के बंद हो जाने से स्थानीय नागरिकों सहित उद्योग, व्यावसायियों पर भी परिणाम होने की संभावना व्यक्त की जार रही है. बारिश में रेलवे गेट को सटकर लगभग 20 मीटर की दूरी पर हिंदू स्मशान भूमि की ओर जानेवाला रास्ता कीचडमय होने के कारण इस मार्ग से जाने के लिए अंतिम यात्राओं को भी भारी तकलीफें सहनी पडती थी. किंतु अब नागरिकों के अनुसार, उडानपुल के निर्माण काल में पिछले 5 वर्षो की कालावधि में सभी को भारी तकलीफें उठानी पडती थी, किंतु उसका प्रत्यक्ष लाभ जूनी बस्ती को मिला ही नहीं, बल्कि इसके विपरित रेलवे फाटक बंद हो जाने के कारण अडचने और अधिक बढ गई है.
* अंडरपास का पता नहीं
स्थानीय नागरिकों के कथनानुसार, उडानपुल के साथ ही अंडरपास निर्माण करने का आश्वासन दिया गया था. किंतु अभी तक उस काम की शुरूआत तक नहीं हुई है. इसके कारण अंडरपास का काम पूर्ण होने तक पुरानी बस्ती के नागरिकों की सुविधा के लिए रेलवे गेट को यातायात के लिए शुरू रखा जाए. अथवा अस्थायी पर्यायी मार्ग उपलब्ध करवाने की मांग नागरिकों ने की है.

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