एमडब्ल्यूटीएस जीवा वॉटर फार्म डिवाइस : जल तकनीक में आधुनिक क्रांति
सुधीर इंगले ने दी जानकारी

* खेती के साथ नियमित पेयजल को भी स्वास्थ्यवर्धक बनाने खर्च करनी होगी नाममात्र धनराशि
अमरावती /दि.24- 125 साल की औद्योगिक परंपरा प्राप्त मुरुगप्पा समूह द्वारा शाश्वत खेती में नाविण्यपूर्ण उपक्रम के तहत एमडब्ल्यूटीएस जीवा वॉटर फार्म डिवाइस का आविष्कार किया है, इस डिवाइस से हम बदलते मौसम के साथ और जलकिल्लत की समस्या पर समाधान प्राप्त कर सकते है, यह डिवाइस न केवल 15 सालों तक बिना किसी खर्च के आपको हमेशा शुद्ध व स्वस्थ पेयजल उपलब्ध करवाएगा. जिससे केवल मानवी शरीर ही नहीं, बल्कि खेती उत्पादन के साथ खेती की उपजाउ क्षमता को भी बढाने में सहायक हैै. यह जानकारी सुधीर इंगले ने दी.
स्थानीय श्रमिक पत्रकार भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए सुधीर इंगले ने बताया कि, वर्तमान में पानी की हर बूंद जरुरी है. उसका संचयन करना आवश्यक है. मुरुगप्पा वॉटर टेक्नॉलॉजी सोल्यूशन्स ने कई सालों की रिसर्च के बाद एमडब्ल्यूटीएस जीवा वॉटर फार्म डिवाइस यह तकनीक निर्माण की है जो केवल देश में ही नहीं, बल्कि विदेश में भी पेटेंट बन चुकी है. इसका इस्तेमाल वर्तमान में किसानों द्वारा किया जा रहा है. स्टेनलेस स्टील से तैयार इस उपकरण से सिंचाई या पंप को सहजता से जोडा जा सकता है, जिससे थ्री लेयर प्रक्रिया के पश्चात इस पानी में कई बदलाव देखें जा सकते हैं, यहां तक कि पानी में शामिल घटक जमीन में इस तरह घुल मिल जाते है कि, उसका पोषण खेती के पौधों को जड से प्राप्त होता है. यह रिसर्च से साबित हुआ है. जमीन में ज्यादा समय पानी रुकना, खाद व पानी की बचत, जडो में विकास के लिए पोषण प्रक्रिया, नैसर्गिक रुप से फसलों की प्रतिकार क्षमता बढना, उत्पादन वृद्धि के साथ बाजार मूल्य में भी सुधार आता है. पानी के कारण जमीन पर जमने वाले क्षर भी कम होते है. कुछ फसलोें पर एमडब्ल्यूटीएस जीवा वॉटर फार्म डिवाइस इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया. जिसके अनुसार अंगूर 70 दिनों में पक गए थे. जबकि नैसर्गिक रुप से पकने के लिए उसे ज्यादा समय लगता है. बिक्स इस गन्ने की प्रजाति का स्तर 7 से 14 तक बढ गया था. हल्दी में कर्क्युमिन का प्रमाण बढकर 0.85 हो चुका था. इसी तरह लाल मिर्च, कपास और टमाटर की फसल में भी सुधार देखा गया.
मुरुगप्पा समूह का एक ही नारा है कि, मिट्टी और पानी को समझे तो आप खेती को समझ लेंगे और खेती को समझे तो भविष्य बदल सकते हैं. साथ ही मिट्टी का संवर्धन और पानी की कार्यक्षमता यह शाश्वत खेती का मूलाधर है. इस एमडब्ल्यूटीएस जीवा वॉटर फार्म डिवाइस का मूल्य करीब 13 हजार रुपए तक है, लेकिन एक बार निवेश करने पर किसी भी किसान अथवा नागरिक को 15 सालों तक कोई परेशानी का सामना नहीं करना पडेगा. ऐसा विश्वास उपस्थित सभी सदस्यों ने व्यक्त किया. प्रेसवार्ता में विदर्भ, मराठवाडा के वितरक जयंत सवाई, व्यवस्थापक उमेश देशपांडे, दादासाहब कडू, सिलवान इंगले, सोहम जयस्वाल, सूचरिता इंगले आदि उपस्थित थे.





