‘देहभाव हरपला, तुज पाहता विठ्ठला!’
मुख्यमंत्री ने पत्नी सहित की पांडुरंग की महापूजा

* पंढरपुर में वारकरियों की भक्ति का महासागर
* कॉरिडोर का विकास गतिमान करने का संकल्प
* प्रत्येक प्रभावित का अभूतपूर्व पुनर्वास का दिया वचन
पंढरपुर/दि.25 – आषाढी एकादशी निमित्त प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने धर्मपत्नी अमृता फडणवीस और भाग्यशाली वारकरी दंपति माने के साथ शासकीय महापूजा की. ‘देहभाव हरपला, तुज पाहता विठ्ठला!’ के अंदाज में यहां पूजन करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में सर्वत्र अच्छी बारिश होने देने की प्रार्थना विठुराया से की. उन्होंने कहा कि, विठ्ठल मंदिर आने पर नई उर्जा प्राप्त होती हैं. सीएम फडणवीस ने विठुराया से यह भी विनती की कि, पीएम नरेंद्र मोदी को ऐसा आशीर्वाद दें कि, वे युवा पीढी को सही राह दिखाएं.
पंढरपुर में तडके 3 बजे से ही वारकरियों की भक्ति का अलोट महासागर अनुभव किया गया. दर्शनार्थियों की कतारे 20 से 25 किमी दूर तक रहने का चित्र है. चंद्रभागा के तट पर भक्तों का महापूर विठ्ठल नगरी में देखा गया.
इस बीच विठ्ठल की महापूजा संपन्न करने पश्चात मुख्यमंत्री और धाराशीव जिले के माने दंपति ने रुख्मिणी माता का दुग्धाभिषेक किया. माने दंपति ने पूजा की. उपरांत विठ्ठल-रुख्मिणी मंदिर समिति ने मुख्यमंत्री फडणवीस और अमृता फडणवीस का सत्कार किया.
सीएम फडणवीस ने इस समय कहा कि, आषाढी एकादशी पश्चात पुराना पंढरपुर अब इतिहास बन जाएगा. मंदिर परिसर में विशाल कॉरिडोर बनाने का काम शुरु होगा. सैकडों वर्षों के वाडे और पुराने भवन इतिहास बन जाएंगे. इस बार की आषाढी हमें पीढी दर पीढी सदैव स्मरण रहेगी. हम यह कटु अनुभव के रुप में जतन करेंगे. इस प्रकार की स्थानीय लोगों की सोच को भी मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन से दूर करने का प्रयास किया. सीएम ने कहा कि, शानदार कॉरिडोर बनाया जाएगा और एक भी विस्थापित पुनर्वास से वंचित नहीं रहेगा. पुनर्वास भी अभूतपूर्व रहने का दावा मुख्यमंत्री ने किया. उन्होंने कहा कि, ऐसी सुख-सुविधा वहां देंगे कि, सभी भक्त और प्रभावित याद करेंगे. सीएम ने पंढरपुर संस्थान से भी सभी प्रकार की सुविधाएं देने तत्पर रहने का आवाहन किया. मुख्यमंत्री फडणवीस बहुत ही प्रसन्न और उर्जावान लग रहे थे.