सनातन धर्म वर्ण नहीं, बल्कि कर्म प्रधान है
श्याम कथा में गिरिराज शरण महाराज का कथन

* परतवाडा के बालाजी कुटिया मंदिर में श्याम कथा प्रारंभ
* भव्य मंगल कलश यात्रा के बाद संगीतमय कथा का हुआ आरंभ
परतवाड़ा/अचलपुर/दि.27 – स्थानीय श्याम भक्त ओम अग्रवाल एवं श्याम कृपा मंडल के तत्वावधान में आयोजित श्री खाटू श्याम बाबा की अमर कथा का शुभारंभ रविवार को बालाजी कुटिया मंदिर में हुआ. कथा अपने निर्धारित समय से लगभग डेढ़ घंटे विलंब से शाम 4.38 बजे प्रारंभ हुई. बाबा श्याम एवं पवनसुत हनुमानजी की आरती, पोथी एवं मंच पूजन तथा गुरुवर्य की आराधना के बाद कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया.
कथा का प्रारंभ करते हुए कथावाचक पूज्य गिरिराज शरण जी महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि परतवाड़ा के श्याम प्रेमियों का यह परम सौभाग्य है कि उन्हें खाटू धाम की पावन कथा सुनने का अवसर प्राप्त हो रहा है. उन्होंने कहा कि बाबा के नवनिर्मित भवन में यह कथा आयोजित होना अपने आप में विशेष महत्व रखता है. उन्होंने कहा कि श्री श्याम कथा प्रभु के जीवन का चित्रण है और उनकी कृपा के बिना कोई भी व्यक्ति इस कथा का यथार्थ वर्णन नहीं कर सकता. उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में ठाकुरजी की कृपा से उन्हें देश में पहली बार इस कथा का वाचन करने का अवसर प्राप्त हुआ था.
कथा आयोजन के पहले दिन कथा वाचक गिरिराज शरण जी ने कहा कि बाबा श्याम के प्रति समाज में जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करने की आवश्यकता है. हरि अनंत, हरि कथा अनंता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति में अर्जुन भाव नहीं आता, तब तक वह प्रभु का सच्चा स्मरण नहीं कर सकता. वक्ता में कृष्ण का भाव होना चाहिए. कथा प्रारंभ करने से पूर्व हरि कीर्तन किया गया. करुणामयी, कृपामयी मेरी दयामयी राधे… और सांवरे अपने प्रेम की दो बूंदें छलका दो… जैसे भजनों के साथ वातावरण भक्तिमय हो उठा.
मूल कथा का आरंभ करते हुए कथावाचक गिरीराज शरण महाराज ने महाराजा दुष्यंत और शकुंतला से लेकर चक्रवर्ती सम्राट भरत तथा महाराजा शांतनु के जीवन प्रसंगों का वर्णन किया. उन्होंने बताया कि सम्राट भरत के नाम पर ही हमारे आर्यावर्त का नाम भारत पड़ा. कथा के दौरान उन्होंने महाभारत काल के विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए महाराजा शांतनु, गंगा, सत्यवती, भीष्म पितामह, धृतराष्ट्र, पांडु एवं विदुर के जन्म की कथा सुनाई. इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म वर्ण प्रधान नहीं, बल्कि कर्म प्रधान धर्म है. आज समाज में व्यक्ति का परिचय उसके कर्मों से होना चाहिए, न कि केवल उसके नाम के साथ जुड़े उपनाम या जातिगत पहचान से. महाभारत के पात्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यक्ति की पहचान उसकी वाणी और व्यवहार से होती है. दुर्योधन के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अच्छे संस्कार और सद्कर्म ही मनुष्य को सम्मान दिलाते हैं.
कथा के प्रथम दिवस बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपस्थिति दर्ज कराई. गिरिराज शरण जी के साथ आए गायक एवं वाद्य कलाकारों ने भजनों की मधुर प्रस्तुति देकर कथा को और अधिक रसपूर्ण बना दिया. मंच से जानकारी दी गई कि सोमवार से कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे प्रारंभ होगी.

* रविवार सुबह महाआरती के साथ निकली कलश यात्रा
जुड़वां शहर परतवाड़ा-अचलपुर में पहली बार आयोजित हो रही खाटू श्याम कथा का शुभारंभ रविवार सुबह भव्य कलश यात्रा और महाआरती के साथ किया गया. पूज्य गिरिराज शरण जी महाराज की प्रमुख उपस्थिति में बालाजी कुटिया मंदिर में बाबा श्याम एवं महाबली हनुमानजी की महाआरती संपन्न हुई. मुख्य यजमान ओमप्रकाश अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी सोनम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल हुए. इसके पश्चात भव्य कलश यात्रा निकाली गई. यात्रा में सिर पर कलश धारण किए महिलाओं के साथ निशान लिए श्रद्धालु भी शामिल हुए. यजमान ओमप्रकाश अग्रवाल अपने परिवार सहित सिर पर पवित्र पोथी धारण कर श्रद्धालुओं को आमंत्रित करते हुए चल रहे थे. बैंड की धुनों पर बज रहे श्याम भजनों के बीच श्रद्धालु नृत्य करते हुए आगे बढ़ रहे थे. कुटिया मंदिर से प्रारंभ हुई यह यात्रा दुरानी चौक, सदर बाजार, मिश्रा लाइन, वकील लाइन एवं टीवी टॉवर मार्ग से होते हुए पुनः मंदिर पहुंची, जहां प्रसाद वितरण के साथ यात्रा का समापन हुआ.
इस आध्यात्मिक शोभायात्रा में ओमप्रकाश अग्रवाल, पवन चौधरी, सुनील व्यास, रमेश जोशी, ओम शर्मा, सागर व्यास, आनंद गोठवाल, सुमित गोयल, गोलू शर्मा, राहुल अग्रवाल, मुकेश बिरला, प्रशांत अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, वरुण शर्मा, भिकुलाल सिसंघिया, ऋषि शर्मा, अमित अग्रवाल, गोविंद शर्मा, सोनल अग्रवाल, वनमाला गायन, नीता व्यास, कोमल उपाध्याय, कविता ओडुलके, वनिता अग्रवाल, राधा अग्रवाल, राधा नरेडी, किरण शर्मा, मनीषा भेलोंडे, नीता पुरोहित, इंदुमती जाड़ा, नीता बाजपेयी, टीनू टाले, किरण ठाकुर, कोमल कहाते, राधिका अग्रवाल, अनीता अग्रवाल, रुचिता उपाध्याय, मोना चंदेल, कीर्ति येवले, अनीता बिरला, चंचल अग्रवाल, दिव्या मंगरुले, संगीता कालोया एवं संगीता शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु शामिल हुए.

* 14 अगस्त को नंदूजी शर्मा का आगमन
संपूर्ण भारत में खाटू श्याम भक्ति के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध भजन गायक एवं संयोजक नंदूजी शर्मा आगामी 14 अगस्त को परतवाड़ा-अचलपुर पहुंचेंगे. उनकी प्रमुख उपस्थिति में श्री श्याम सावन झूला महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इस अवसर पर जयपुर (राजस्थान) निवासी प्रसिद्ध भजन गायक महेश परमार भी अपनी प्रस्तुति देंगे. यह कार्यक्रम 14 अगस्त को शाम 5.15 बजे से कृषि उत्पन्न बाजार समिति सभागृह, परतवाड़ा में आयोजित होगा.
उल्लेखनीय है कि देशभर में लोकप्रिय ‘भजन कीर्तन की है रात, बाबा आज थाने आनो है…’ के रचयिता नंदूजी शर्मा ही हैं. इस अवसर पर वे स्वयं भी अपनी मधुर आवाज में श्याम भजनों की प्रस्तुति देंगे. श्याम कृपा मंडल, परतवाड़ा-अचलपुर ने सभी श्याम प्रेमियों से सावन मास की इस भक्तिमय संध्या में शामिल होने का आग्रह किया है.
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* श्याम एकादशी पर संकीर्तन में रसविभोर हुए श्रद्धालु
आषाढ़ी एकादशी एवं देवशयनी ग्यारस के अवसर पर शनिवार को बालाजी कुटिया मंदिर में आयोजित भजन संध्या में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने श्याम नाम का रसपान किया. कार्यक्रम का शुभारंभ श्याम भक्त आनंद गोठवाल ने ‘पधारो गणेशजी म्हारा घर पधारो…’ भजन से किया. इसके बाद वीर हनुमान की स्तुति में ‘थारी मैं करूं जय-जयकार, पधारो बालाजी…’ प्रस्तुत किया गया. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. बड़ी संख्या में भक्त ‘हारे का सहारा बाबा श्याम’ की ज्योत लेने के लिए कतारबद्ध दिखाई दिए.
आनंद गोठवाल ने नंदूजी शर्मा का लोकप्रिय भजन ‘श्याम-श्याम तो मैं रटूं, श्याम है जीवन प्राण…’ तथा ‘कीर्तन की है रात, बाबा आज थाने आनो है…’ प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया. ‘सांवरे बिन तुम्हारे ये जी ना लगे…’ और ‘पलके ही पलके बिछाएंगे, जिस दिन श्याम प्यारे घर आएंगे…’ जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर एवं नृत्य कर भक्ति भाव प्रकट किया. पवन चौधरी द्वारा प्रस्तुत भजन ‘तेरे दरवाजे पर एक अर्जी छोड़ी है, पढ़ लेना मेरे बाबा…’ ने भक्तों को भावुक कर दिया.
कार्यक्रम में की-बोर्ड पर शैलेन्द्र ठाकुर, ढोलक पर हितेश उर्फ बाबू व्यास तथा पैड पर गौरव ने शानदार संगत दी. ध्वनि व्यवस्था की जिम्मेदारी गोलू निमकरड़े ने संभाली. उत्कृष्ट संगीत, मधुर भजनों और भक्तिमय वातावरण के बीच देर रात तक श्रद्धालु श्याम नाम के रंग में सराबोर रहे. प्रसादी वितरण की भी विशेष व्यवस्था की गई थी. उल्लेखनीय है कि खाटू श्यामजी को कलियुग का देवता और हारे का सहारा माना जाता है. यही कारण है कि एकादशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर उनकी आराधना करते हैं.





