जुडवां शहर में देशभक्ति पूर्ण भावना के साथ मनाया गया कारगिल शौर्य दिवस

गावंडे ज्वेलर्स ने किया अचलपुर तहसील के 55 पूर्व सैनिकों का सत्कार

* नगरसेवक अनिल अग्रवाल ने पूर्व सैनिक संगठन को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की
परतवाड़ा/अचलपुर/दि.27 – गत रोज अचलपुर-परतवाडा में कारगिल शौर्य दिवस को बडे ही देशभक्तिपूर्ण भावना के साथ मनाया गया. जिसके तहत कारगिल विजय दिवस के अवसर पर स्थानीय गांवड़े ज्वेलर्स की ओर से आयोजित एक भव्य एवं भावनात्मक समारोह में अचलपुर तहसील के 55 पूर्व सैनिकों का शहर की प्रतिष्ठित हस्तियों के हाथों नागरिक सत्कार किया गया. राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत यह आयोजन अमरावती जिले में अपने प्रकार का पहला समारोह माना जा रहा है, जिसमें किसी निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठान ने पूर्व सैनिकों को सम्मानित करने की पहल की. इस अवसर पर गांवड़े ज्वेलर्स ने सैनिक परिवारों के लिए आगामी तीन दिनों तक स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीद पर विशेष छूट देने की घोषणा की. वहीं नगर परिषद के स्वीकृत सदस्य अनिल चिरौंजीलाल अग्रवाल ने पूर्व सैनिक कल्याण संगठन के लिए 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा कर समारोह को और अधिक गौरवशाली बना दिया.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 1999 में पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों एवं सैनिकों ने लद्दाख के कारगिल क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर अवैध कब्जा कर लिया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने साहसिक अभियान चलाकर दुश्मनों को खदेड़ दिया. लगभग 18 दिनों तक चले इस युद्ध में देश के 527 वीर जवान शहीद हुए, जबकि अनेक सैनिक घायल हुए. उनकी वीरता और बलिदान की स्मृति में प्रतिवर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है. इसी उपलक्ष्य में गांवड़े ज्वेलर्स के संचालक नीलेश बबनराव गांवड़े ने पूर्व सैनिकों के सम्मान का संकल्प लिया. स्थानीय अंबिका लॉन्स में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे.
गौरतलब है कि गांवड़े ज्वेलर्स संभवतः महाराष्ट्र का ऐसा अनूठा प्रतिष्ठान है, जहां प्रतिदिन व्यापार शुरू करने से पहले संचालक और कर्मचारी राष्ट्रगीत गाकर तथा भारत माता का वंदन कर अपने कार्यदिवस की शुरुआत करते हैं. इस देशभक्ति पूर्ण पहल के लिए नीलेश गांवड़े विशेष रूप से पहचाने जाते हैं. उनका कहना है कि जब हम प्रतिदिन ईश्वर को स्मरण करते हैं, तो अपनी मातृभूमि का वंदन करना भी हमारा कर्तव्य है.
कार्यक्रम की अध्यक्षता सूबेदार हरिहर भातकुले ने की, जबकि भास्कर काटोके विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे. मंच पर प्रमुख अतिथियों के रूप में थाना प्रभारी अजय आकरे, रोटरी क्लब अध्यक्ष श्याम मालू, नगरसेवक अनिल अग्रवाल, शिव प्रसारक मंडल के गजानन कोल्हे, प्रमोद डेरे, बबनराव गांवड़े तथा सुरेश चिखले उपस्थित थे. दीप प्रज्वलन के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ. इस अवसर पर जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का उद्घोष भी किया गया. कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. प्रसाद मडावी ने किया. पूर्व मेजर ज्ञानेश्वर भुजबल के नेतृत्व में कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस समय पोद्दार स्कूल की छात्रा नेहा खंडेलवाल ने अपने भावपूर्ण उद्बोधन से उपस्थितों को भावुक कर दिया. उन्होंने कहा कि सैनिकों की आंखों में ऐसे अध्याय बसते हैं, जिन्हें शब्दों में पढ़ पाना संभव नहीं है.
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए नीलेश गांवड़े ने देशभक्ति को सर्वोच्च बताते हुए सैनिक परिवारों के लिए विशेष छूट की घोषणा की. गजानन कोल्हे ने कारगिल युद्ध के शहीदों की वीरगाथा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज हम जिन परिस्थितियों में सुरक्षित जीवन जी रहे हैं, वह हमारे सैनिकों के त्याग का परिणाम है. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के प्रसिद्ध कथन भारत जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि एक जीवंत राष्ट्रपुरुष है का भी उल्लेख किया. रोटरी क्लब अध्यक्ष श्याम मालू ने पूर्व सैनिकों के लिए भविष्य में विशेष कार्य करने की इच्छा व्यक्त की. इसी दौरान नगरसेवक अनिल अग्रवाल ने पूर्व सैनिक परिवारों के कल्याण के लिए 5 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की, जिसका उपस्थित नागरिकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया. अध्यक्षीय संबोधन में सूबेदार हरिहर भातकुले ने शेरो-शायरी के अंदाज में पूर्व सैनिकों का सम्मान करने की पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांवड़े ज्वेलर्स ने जिस कृतज्ञता का परिचय दिया है, उसके लिए उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम है.


* जुड़वां नगरी के भामाशाह पार्षद अनिल अग्रवाल
राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानकर आयोजित इस समारोह में नगरसेवक अनिल अग्रवाल (शक्करवाले) की 5 लाख रुपये की सहायता घोषणा का सभी उपस्थितों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया. बता दे कि, सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में बिना प्रचार-प्रसार के सहयोग करने के लिए अनिल अग्रवाल की विशेष पहचान है. राजस्थानी अग्रवाल पंचायत के विकास कार्य हों, बालाजी कुटिया मंदिर का जीर्णोद्धार, खाटूश्यामजी में निर्माणाधीन धर्मशाला अथवा राजस्थान स्थित शाकंभरी माता धाम के विभिन्न प्रकल्प-अनिल अग्रवाल सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं. उनके निकटस्थ लोगों का कहना है कि जरूरतमंद व्यक्ति उनकी चौखट से कभी निराश लौटता नहीं है. पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कारगिल विजय दिवस पर यह विशेष योगदान देकर अपनी सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचय दिया. संघर्ष के बल पर सफलता प्राप्त करने वाले अनिल अग्रवाल आज समाजसेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में एक प्रेरणास्रोत के रूप में देखे जाते हैं.


* इन पूर्व सैनिकों का हुआ भावपूर्ण सत्कार
समारोह में पूर्व सैनिक सूबेदार हरिहर भातकुले का नागरिक सम्मान थाना प्रभारी अजय आकरे के हाथों किया गया, जबकि भास्कर काटोके का सम्मान गजानन कोल्हे ने किया. इसके साथ ही इस अवसर पर शंकर सहारे, प्रफुल्ल अटकरे, राजकुमार वानखड़े, सोपान ताकाटे, विजय ठाकरे, दिवाकर रायकवार, चंद्रशेखर निमकर, अमोल पापड़कर, राजू बिजवे, सूबेदार नरहरी बिरकड़, मेजर ज्ञानेश्वर भुजबल, बाबूराव नवले, गणेश भास्कर, पी.आर. रोड़े, नितिन शिरालकर, नीलेश रांगोले, प्रदीप मालवी, सुरेश सावले, रविंद्र काकड़े, विजय तायडे, राजेंद्र फिसके, संदीप हाथे, विजय खटपकर, गजानन बंगाले, भीमराव सासनकर, नामदेव सोनवने, श्याम अकोलकर, अजबराव भोरे, सुनील घाटे, गजानन टमुज सहित अन्य पूर्व सैनिकों का सम्मान किया गया. देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिन-रात समर्पित रहने वाले वीर जवानों को सेवा निवृत्ति के बाद सम्मानित करने की यह पहल अत्यंत प्रेरणादायी रही. कार्यक्रम के पश्चात पूर्व सैनिकों एवं नागरिकों के लिए आयोजित रात्रिभोज में सभी ने सहभागिता की. लंबे समय बाद आयोजित इस प्रकार के अनूठे और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत समारोह ने उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति को गौरवान्वित कर दिया.

Back to top button