नीलगायों के आतंक से किसान परेशान, फसलों को बचाने और 100 प्रतिशत मुआवजे की मांग

स्वाभिमान पार्टी ने वन विभाग को सौंपा ज्ञापन, प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने की मांग

अमरावती/दि.28- अमरावती जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नीलगायों के बढ़ते आतंक से किसान भारी संकट में हैं. खेतों में खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचने से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है. इस समस्या को लेकर स्वाभिमान पार्टी के पदाधिकारियों ने वन विभाग के उपवन संरक्षक को ज्ञापन सौंपकर नीलगायों पर नियंत्रण और प्रभावित किसानों को 100 प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की है.
ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के राहटगांव-रामगांव परिसर, सुकली वनारसी, लोणी टाकली, पुसदा, नया अकोला, शिराला, नेरपिंगलाई, यावली शहीद, आराला तथा बोराला सहित अनेक गांवों में नीलगायों की संख्या तेजी से बढ़ी है. झुंड के रूप में खेतों में पहुंचने वाली नीलगायें किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रही हैं. इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा है और उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका बढ़ गई है. किसानों का कहना है कि इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता के कारण पहले ही कई किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी है. ऐसे में नीलगायों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाए जाने से उनकी आर्थिक मुश्किलें और बढ़ गई हैं. खेती ही अधिकांश परिवारों की आय का प्रमुख साधन होने से यह समस्या किसानों के सामने गंभीर संकट बनकर खड़ी हो गई है.
स्वाभिमान पार्टी के नेताओं ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग के विशेष दल तत्काल भेजे जाएं और नीलगायों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए. साथ ही जिन किसानों की फसलें नष्ट हुई हैं, उनके खेतों का तत्काल पंचनामा कराकर 100 प्रतिशत नुकसान भरपाई प्रदान की जाए. ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि केवल अस्थायी उपाय पर्याप्त नहीं होंगे, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी और प्रभावी योजना तैयार की जानी चाहिए. किसानों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर उन्हें राहत और न्याय दिलाने की भी मांग की गई है.
स्वाभिमान पार्टी के किसान नेता प्रकाश साबले ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि लगातार फसल नुकसान के कारण किसान आर्थिक रूप से टूट रहा है और प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेना चाहिए. ज्ञापन सौंपने वालों में जिला युवा अध्यक्ष अक्षय ढवले, सुधीर रहाटे, पर्वन हिंगणे, चेतन पाथरे, सौरभ कोहले, तुषार पडोले तथा अमित कुचे सहित स्वाभिमान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल थे. किसानों को अब वन विभाग की कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णय का इंतजार है, ताकि नीलगायों के बढ़ते उपद्रव से राहत मिल सके और फसल नुकसान की भरपाई हो सके.

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