स्कूल-कॉलेज विद्यार्थियों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था पर पुलिस आयुक्तालय में समीक्षा बैठक

निजी वाहनों में विद्यार्थियों के परिवहन पर रोक

* क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर होगी कार्रवाई
अमरावती/दि.30 – स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार, 29 जुलाई को पुलिस आयुक्तालय, अमरावती शहर में पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में जिला स्कूल बस सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में पुलिस, क्षेत्रीय परिवहन विभाग तथा स्कूल परिवहन समिति के पदाधिकारियों ने भाग लिया.
बैठक में पुलिस उपायुक्त प्रांजलि सोनवणे, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी उर्मिला पवार, उप क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी नंदकिशोर काले, सहायक पुलिस आयुक्त संजय खताले सहित परिवहन शाखा के अधिकारी एवं विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे. बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निजी वाहनों से विद्यार्थियों का परिवहन नहीं किया जाएगा तथा किसी भी स्कूल वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक विद्यार्थियों को बैठाने की अनुमति नहीं होगी. स्कूल परिवहन समिति के अध्यक्ष, प्राचार्य और समिति के सदस्यों को 16 अप्रैल 2025 के शासन निर्णय के अनुसार विद्यार्थियों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए. निर्णय लिया गया कि प्रत्येक माह स्कूल परिवहन समिति एवं विद्यार्थी सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की जाएगी. स्कूल वाहनों के चालक यातायात नियमों का पालन करेंगे, वाहनों में स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से चालू रहेंगे तथा स्कूल परिसर के आसपास भारी वाहनों की पार्किंग और स्कूल समय में उनके आवागमन पर नियंत्रण रखा जाएगा.
बैठक में स्कूल बसों और विद्यार्थियों को ले जाने वाले वाहनों में डिजिटल सुरक्षा निगरानी प्रणाली एवं सीसीटीवी कैमरे आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया गया. परिवहन समिति के पदाधिकारियों की समस्याएं सुनकर संबंधित विभागों को समन्वय के माध्यम से उनका शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए गए. स्कूल बस संचालकों को वाहनों का नियमित रखरखाव, स्पीड गवर्नर, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट, आपातकालीन द्वार, आवश्यकतानुसार महिला परिचारिका तथा चालक की नियमित स्वास्थ्य एवं दृष्टि जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. अभिभावकों से भी अपील की गई कि यदि वे स्वयं बच्चों को स्कूल छोड़ते हैं, तो निर्धारित समय से लगभग 15 मिनट पहले उन्हें स्कूल पहुंचाएं, ताकि यातायात जाम की स्थिति न बने.
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि किसी वाहन से विद्यार्थियों का अवैध या नियमों के विरुद्ध परिवहन करते हुए पाया गया, तो क्षेत्रीय परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा मोटर वाहन अधिनियम के तहत संबंधित वाहन चालक एवं संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस आयुक्तालय ने शहरवासियों, अभिभावकों, स्कूल परिवहन समितियों और वाहन चालकों से अपील की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यातायात नियमों का पालन करें तथा स्कूल और कॉलेज के समय वाहन धीमी गति से चलाकर सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें.

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