तुम बैठकर कुर्सियां तोडते हो, बदनाम सरकार होती है

विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने ‘राजापेठ’ पर अधिकारियों को सुनाए खडे बोल

* पुलिस, मनपा व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को जमकर लिया आडे हाथ
* शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू करने तीनों महकमों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का दिया निर्देश
* राजापेठ हादसे को लेकर जिम्मेदारों के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई करने की बात दोहराई
* कहा – मेरा काम करने का तरीका अलग, एक भी जिम्मेदार को छोडूंगा नहीं
अमरावती/दि.30 – दो दिन पूर्व राजापेठ रेलवे ओवरब्रिज पर हुए भीषण सडक हादसे में एक महिला व एक युवती की मौत हो जाने की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पूर्व मंत्री व विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने आज सुबह दुर्घटना स्थल का दौरा किया. साथ ही शहर पुलिस, मनपा प्रशासन व सार्वजनिक लोकनिर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर तलब करते हुए खडे बोल सुनाकर जमकर आडे हाथ लिया. इस समय विधायक प्रवीण पोटे ने तीनों महकमों के वरिष्ठ अधिकारियों को दो टूक शब्दोंं में कहा कि, तुम लोग अपने आलिशान वातानुकुलित कार्यालयों में बैठते हो और शानदार सरकारी चार पहिया वाहनों में घुमते हो, तुम्हारा आम जनता की तकलिफों व दिक्कतों से कोई वास्ता नहीं है. इसके चलते तुम लोग केवल कुर्सियां तोडते रहते हो और बिना कोई काम किए हर महीने की पहली तारीख को वेतन ले लेते हो. तुम्हारे इसी नाकारेपन की वजह से सरकार बदनाम होती है. लेकिन अब यह सब नहीं चलेगा और 15 दिन के भीतर सभी को सुधरना पडेगा. अन्यथा हमें कोई ठोस व कडे कदम उठाने पडेंगे.
बता दे कि, दो दिन पूर्व राजापेठ फ्लायओवर पर हुए दर्दनाक हादसे ने अमरावती शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है. इस घटना के बाद अमरावती शहर में जबरदस्त जनाक्रोश व्याप्त है और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी बेहद संतप्त प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रही है. इसी बीच विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने आज सुबह अचानक ही राजापेठ रेलवे ओवरब्रिज का दौरा किया और दुर्घटना स्थल का निरीक्षण भी किया. इस समय विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने पुलिस, महानगरपालिका व सार्वजनिक लोकनिर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया और शहर की लगातार लचर होती यातायात व्यवस्था के लिए उपस्थित अधिकारियों को ऑन द स्पॉट कडी फटकार भी लगाई.
इस निरीक्षण दौरे में महापौर श्रीचंद तेजवानी, सभागृह नेता चेतन गावंडे, नगरसेवक ऋषिकेश देशमुख, प्रदेश प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी, तुषार भारतीय, जयंत डेहनकर, चेतन पवार, किरण पातूरकर, राजेश पड्डा, संजय कटारिया सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. वहीं प्रशासन की ओर से मनपा आयुक्त गोंदवले, पुलिस उपायुक्त घुगे, प्रांजली सोनवणे, पुलिस सहायक आयुक्त खताले, पुलिस निरीक्षक संदीप चव्हाण, मनपा के उपायुक्त नरेंद्र वानखड़े, कार्यकारी अभियंता रवींद्र पवार, अतिक्रमण पथक प्रमुख योगेश कोल्हे तथा सार्वजनिक बांधकाम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
राजापेठ फ्लाईओवर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए विधायक पोटे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि शहर में बढ़ती दुर्घटनाएं, अव्यवस्थित यातायात, अतिक्रमण, गलत तरीके से खड़े किए जा रहे ऑटो रिक्शा और बिना योजना के किए जा रहे निर्माण कार्य प्रशासन की विफलता को उजागर कर रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद मनपा, पुलिस प्रशासन व लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड रहा. ऐसे में अब वे जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई करवाने से भी आगे-पीछे नहीं हटेंगे और दोषी अधिकारियोेंं के खिलाफ फौजदारी कार्रवाई जरूर करवाएंगे. इस समय विधायक पोटे का कहना रहा कि, मेरा काम करने का तरीका अन्य जनप्रतिनिधियों की तुलना में काफी अलग है और वे जो बोलते है उसे जरूर करते भी है. जिसके चलते उनके द्वारा कही गई बात को हल्के में न लिया जाए.
* एक मौत से पूरा परिवार बिखर जाता है
राजापेठ रेलवे ओवरब्रिज पर बीते दिनों घटित हादसे पर अपना रोष व संताप व्यक्त करते हुए विधायक प्रवीण पोटे पाटिल ने कहा कि, यहां मौजुद हर व्यक्ति का परिवार है और हर किसी को इस बात पर पूरा एहसास होना चाहिए कि, घर के किसी भी एक सदस्य की ऐसे हादसों में असमय मौत हो जाने पर पूरा परिवार बिखर जाता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित महकमों ने पूरी संजिदगी के साथ आपसी समन्वय रखते हुए काम करना चाहिए.
* जनता मर रही है, और अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने विधायक के सामने यातायात पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी व्यक्त की. नागरिकों का आरोप था कि यातायात नियंत्रण के बजाय पुलिस का पूरा ध्यान केवल चालान काटने और वसूली पर केंद्रित है, जबकि शहर के प्रमुख चौक और सड़कें अव्यवस्था से जूझ रही हैं. इस पर विधायक पोटे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि सड़कों पर अराजकता बनी रही और अधिकारी केवल औपचारिक कार्रवाई करते रहे तो जनता का गुस्सा प्रशासन को भारी पड़ेगा. उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए.
* राजापेठ-अंबादेवी मार्ग क्यों बंद किया गया?
निरीक्षण के दौरान नागरिकों ने बताया कि राजापेठ से अंबादेवी मार्ग पर प्रवेशद्वार निर्माण के कारण सड़क पूरी तरह बंद कर दी गई है, जिससे शहर के अन्य मार्गों पर यातायात का भारी दबाव बढ़ गया है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है. इस पर विधायक पोटे ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि किसी प्रमुख मार्ग को पूरी तरह बंद करना प्रशासनिक असंवेदनशीलता का उदाहरण है. उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य जारी रखते हुए कम से कम एक तरफ यातायात शुरू रखा जाए और निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए.
* ब्लैक स्पॉट चिन्हित करो, अतिक्रमण हटाओ
विधायक ने अधिकारियों को शहर के सभी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर तत्काल सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सभी गतिरोधक निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए जाएं, उन पर रंगीन पट्टियां लगाई जाएं तथा राजापेठ चौक सहित अन्य प्रमुख क्षेत्रों से यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण तत्काल हटाए जाएं. उन्होंने सड़क के बीचोंबीच ऑटो रिक्शा खड़े करने वालों पर कार्रवाई, फुटपाथ अतिक्रमण मुक्त करने और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की भी मांग की.
* अब संयुक्त जवाबदेही तय होगी
विधायक प्रवीण पोटे ने स्पष्ट कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए हमेशा केवल पुलिस विभाग को ही जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. बल्कि इसके लिए पुलिस विभाग के साथ-साथ महानगरपालिका और सार्वजनिक बांधकाम विभाग को संयुक्त रूप से जवाबदेह बनना होगा. उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग हर 15 दिन में संयुक्त समीक्षा बैठक करें, दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करें और एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर उसकी अमलवारी सुनिश्चित करें.
* जिसे पुतला बैठाने का ज्यादा शौक हो, वह अपने घर पर पुतला लगाए
राजापेठ रेलवे ओवरब्रिज का मुआयना करते समय विधायक प्रवीण पोटे पाटिल आरओबी के सबसे ऊपरी हिस्से पर भी अधिकारियों के साथ पहुंचे और उन्होंने आरओबी के ऊपर स्थित चौराहे के बीचोबीच बने चबुतरे को तुरंत तोडने का आदेश भी जारी किया. इस समय विधायक प्रवीण पोटे ने पुतला स्थापित करने हेतु बनाए गए चबुतरे को तोडने का निर्देश जारी करते हुए कहा कि, सडके और पूल लोगों व वाहनों की आवाजाही के लिए होते है, पुतले बिठाने के लिए नहीं. ऐसे में जिसे पुतले बिठाने का ज्यादा शौक हो, उसनने अपने घर पर पुतले स्थापित करने चाहिए. राजनीतिक गलियारों में विधायक प्रवीण पोटे की इस सख्त भूमिका को केवल यातायात मुद्दे तक सीमित नहीं माना जा रहा है. शहर में लगातार बढ़ती नागरिक समस्याओं, ट्रैफिक अव्यवस्था और दुर्घटनाओं को लेकर जनता में बढ़ रही नाराजगी के बीच पोटे ने सीधे प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि जनसुरक्षा के मुद्दे पर वे किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं करेंगे. राजापेठ फ्लाईओवर हादसे के बाद विधायक की यह आक्रामक भूमिका अब प्रशासन के लिए चुनौती बन गई है. आने वाले 15 दिनों में शहर की यातायात व्यवस्था में वास्तव में सुधार दिखाई देता है या नहीं, इस पर अब नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं.

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