वैशाली माडे के संघर्ष और मेहनत से प्रेरणा लें
कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते का प्रतिपादन

* अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र कलाकारों का भव्य सत्कार
* जीवन में गुरु का स्थान अनन्य- वैशाली माडे
अमरावती /दि.31– संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान मध्य विभाग, अखिल भारतीय तथा राष्ट्रीय कव्वाली अंतर विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र कलाकारों, संगतकारों, प्रशिक्षकों एवं टीम प्रबंधकों का भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर कुलगुरु डॉ. मिलिंद बारहाते ने विद्यार्थियों से प्रसिद्ध पार्श्वगायिका एवं विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा वैशाली माडे के संघर्ष, समर्पण और अथक परिश्रम से प्रेरणा लेकर जीवन में सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया.
कुलगुरु डॉ. बारहाते ने कहा कि सफलता हमेशा हमारे सामने होती है, लेकिन थोड़ी-सी असफलता से निराश हुए बिना निरंतर प्रयास करते रहना ही सफलता की कुंजी है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 विश्वविद्यालय के लिए स्वर्णिम वर्ष साबित हुआ है, क्योंकि विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले वर्षों में भी विद्यार्थी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रसिद्ध पार्श्वगायिका वैशाली माडे ने कहा कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोच्च होता है. अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के कारण ही उनका सपना साकार हो सका. उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवा शक्ति ही देश की सबसे बड़ी ताकत है और पुरस्कार केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की प्रेरणा होते हैं. इस अवसर पर उन्होंने अपनी लोकप्रिय फिल्मी प्रस्तुति ‘पिंगा…’ गीत भी प्रस्तुत कर उपस्थितजनों का मन मोह लिया. कार्यक्रम में प्रबंधन परिषद सदस्य डॉ. रविंद्र कडू ने विद्यार्थियों से बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का संदेश दिया. वहीं कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे ने कहा कि वैशाली माडे विश्वविद्यालय की गौरवशाली पूर्व छात्रा हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय को सम्मान दिलाने के साथ-साथ अपने गायन से अमरावती जिले का नाम देश-विदेश में रोशन किया है.
कार्यक्रम का शुभारंभ संत गाडगे बाबा की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन तथा विश्वविद्यालय गीत के साथ हुआ. विद्यार्थी विकास संचालक डॉ. राजीव बोरकर ने स्वागत भाषण दिया. कार्यक्रम का संचालन श्रीकृष्ण पखाले एवं डॉ. शीतल तायडे ने किया, जबकि आभार श्रावणी रोटे ने व्यक्त किया. इस अवसर पर विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित ‘उष्माघात कक्ष (हीट स्ट्रोक सेल)’ की रिपोर्ट का भी मान्यवरों के हाथों विमोचन किया गया. समारोह में प्र-कुलगुरु डॉ. महेंद्र ढोरे, प्रबंधन परिषद सदस्य डॉ. रविंद्र कडू, कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे, विद्यार्थी विकास संचालक डॉ. राजीव बोरकर, विश्वविद्यालय के अधिकारी, विभिन्न प्राधिकरणों के वर्तमान एवं पूर्व सदस्य, पांचों जिलों के महाविद्यालयों के समान अवसर प्रकोष्ठ समन्वयक, विद्यार्थी विकास अधिकारी, प्राध्यापक तथा बड़ी संख्या में छात्र कलाकार उपस्थित रहे.