गौरी बार-रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित, विद्यापीठ व इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन सील

अमरावती में एफडीए की बड़ी कार्रवाई

* एक्सपायरी ब्रेड, गंदगी, बिना लाइसेंस संचालन और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का खुलासा
* छात्रों और ग्राहकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सख्त कदम, खाद्य पेय विक्रेताओं में मचा हडकंप
अमरावती/दि.31- खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने अमरावती में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ओर जहां शहर के चर्चित ‘गौरी इन बार एंड रेस्टोरेंट’ का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, वहीं दूसरी ओर संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय और शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय की मुख्य कैंटीनों को सील करने की कार्रवाई की गई. जांच में एक्सपायरी खाद्य सामग्री, भारी गंदगी, बिना लाइसेंस संचालन और खाद्य सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
बता दे कि, कल 1 अगस्त को राज्य के एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे अमरावती के दौरे पर आ रहे है. जिसके मद्देनजर एफडीए के स्थानीय अधिकारी पूरी तरह से हायअलर्ट मोड पर है और धडाधड एक्शन भी ले रहे है. जिसके तहत गतरोज एक के बाद एक कई जगहों पर जांच पडताल का काम किया गया और इन्ही कार्रवाईयों के तहत जहां एक ओर गौरी बार एंड रेस्टॉरेंट के लायसेंस को निलंबित किया गया, वहीं संत गाडगेबाबा अमरावती विश्वविद्यालय एवं इंजिनिअरिंग कॉलेज की कैंटिन को सील किया गया.
* गौरी इन बार एंड रेस्टोरेंट में मिली एक्सपायरी ब्रेड
– स्टेपलर पिन मिलने की शिकायत के बाद मारा गया था छापा
एफडीए के सहायक आयुक्त विनय चौहान के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी अदिति देशमुख तथा दूध मिलावट नियंत्रण समिति के सदस्य विनोद पाठक की टीम ने बुधवार रात ‘गौरी इन बार एंड रेस्टोरेंट’ में औचक निरीक्षण किया. जांच के दौरान रेस्टोरेंट के किचन में छह पैकेट और आधा पैकेट एक्सपायरी डेट की ब्रेड बरामद हुई. प्रारंभिक जांच में पता चला कि इसी ब्रेड का उपयोग ग्राहकों को विभिन्न खाद्य पदार्थ परोसने के लिए किया जा रहा था. टीम ने मौके पर ही पूरी एक्सपायरी ब्रेड नष्ट कर दी. निरीक्षण में यह भी पाया गया कि वेज और नॉन-वेज खाद्य सामग्री को एक ही स्थान पर रखा जा रहा था, किचन में साफ-सफाई का अभाव था और खाद्य सुरक्षा नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा था. इसके चलते होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया.
सूत्रों के अनुसार इससे पहले भी होटल के खिलाफ एक ग्राहक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके भोजन में स्टेपलर पिन मिली थी. शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एफडीए ने जांच शुरू की और निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं. सहायक आयुक्त विनय चौहान ने बताया कि ग्राहकों को एक्सपायरी खाद्य सामग्री परोसे जाने की पुष्टि होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए होटल का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
* विश्वविद्यालय और इंजीनियरिंग कॉलेज की कैंटीन भी निकली नियमों के विरुद्ध
इसी अभियान के तहत एफडीए ने 30 जुलाई को संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय तथा शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय की मुख्य कैंटीनों का निरीक्षण किया. जांच में दोनों कैंटीन बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित होती पाई गईं. खाद्य सुरक्षा अधिकारी गजानन गोरे ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अविनाश असनारे तथा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. महल्ले को पत्र जारी कर तत्काल कैंटीन बंद करने के निर्देश दिए. एफडीए के अनुसार इन कैंटीनों में प्रतिदिन कुलपति, प्र-कुलपति, कुलसचिव, शिक्षक, कर्मचारी और सैकड़ों छात्र भोजन व नाश्ता करते हैं. इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर कैंटीनों का संचालन किया जा रहा था, जिससे हजारों लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा था.
* विद्यापीठ की कैंटीन में गिलहरी समोसे खाती मिली, चारों ओर गंदगी
विश्वविद्यालय कैंटीन की जांच में बेहद चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई. अधिकारियों ने पाया कि किचन की खिड़कियों के शीशे टूटे हुए थे, जिससे जानवरों और पक्षियों का सीधा प्रवेश हो रहा था. निरीक्षण के दौरान एक गिलहरी तले हुए समोसों को खाते हुए दिखाई दी. जिस स्थान पर समोसे और अन्य खाद्य पदार्थ रखे गए थे, वहां अत्यधिक गंदगी पाई गई. इसके अलावा खाद्य सामग्री तलने वाले क्षेत्र में ही अग्निशमन यंत्र लगाया गया था, जो आपातकालीन स्थिति में जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है. किचन परिसर में झाड़ियां और छोटे पौधे उगे हुए मिले, जिससे कीट-पतंगों और कचरे के भोजन में मिलने की आशंका बनी हुई थी.
* विश्वविद्यालय प्रशासन पर उठे सवाल
एफडीए की इस कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं. एक ओर विश्वविद्यालय आधुनिक शिक्षा, डिजिटल पहल और अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी होने का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर परिसर में संचालित कैंटीनों में बुनियादी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं होना चिंता का विषय बन गया है. छात्रों और अभिभावकों ने भी इस मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कैंटीन संचालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है.
* आगे और कार्रवाई के संकेत
एफडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. जिन संस्थानों और प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. एफडीए की लगातार कार्रवाई से शहर के होटल, रेस्टोरेंट, कैंटीन और खाद्य व्यवसाय संचालकों में हड़कंप मच गया है. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित संस्थान दोषी संचालकों के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर आगे क्या व्यवस्था की जाती है.

Back to top button