अब मोबाइल पर दिखेगी स्कूल बस की लाइव लोकेशन
नई स्कूल बस नीति लागू, जीपीएस, सीसीटीवी, महिला अटेंडेंट और आरएफआईडी सिस्टम अनिवार्य

अमरावती/दि.3 – स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई स्कूल बस नीति लागू कर दी है. अब प्रत्येक स्कूल बस और वैन में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन और प्रशिक्षित महिला अटेंडेंट रखना अनिवार्य होगा. सबसे बड़ी राहत यह है कि अब अभिभावक अपने मोबाइल फोन पर स्कूल बस की लाइव लोकेशन देख सकेंगे और बच्चे के बस में चढ़ने तथा उतरने की जानकारी भी तुरंत मिल जाएगी.
नई व्यवस्था के तहत स्कूल प्रबंधन, बस संचालक और ड्राइवरों की जवाबदेही तय की गई है. नियमों का उल्लंघन करने पर बस का परमिट या लाइसेंस निलंबित अथवा रद्द किया जा सकता है. किसी दुर्घटना या सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी. जिले में वर्तमान में 996 स्कूल बसें और वैन विद्यार्थियों के परिवहन में लगी हैं. इनमें 940 वाहन फिट पाए गए हैं, जबकि 56 बसें और वैन सुरक्षा मानकों पर खरी नहीं उतरी हैं.
* नई स्कूल बस नीति की प्रमुख बातें
हर बस में होंगे ये सुरक्षा इंतजाम, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य, बस के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, अग्निशमन यंत्र, प्रशिक्षित महिला अटेंडेंट.
* मोबाइल पर मिलेगी हर जानकारी
बस की लाइव लोकेशन,बच्चा बस में कब चढ़ा और कब उतरा, इसकी सूचना, ट्रैकिंग ऐप के माध्यम से रियल-टाइम अलर्ट, अभिभावक पूरे सफर की निगरानी कर सकेंगे.
* आरएफआईडी और बायोमेट्रिक से होगी निगरानी
हर विद्यार्थी की उपस्थिति दर्ज होगी, बस में चढ़ने और उतरने का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, अटेंडेंट के पास दैनिक रजिस्टर रहेगा, स्कूल परिवहन समिति नियमित जांच करेगी.
* फीस वसूली पर भी नियंत्रण
नई नीति के अनुसार स्कूल या बस संचालक पूरे वर्ष की बस फीस अग्रिम नहीं वसूल सकेंगे. फीस केवल मासिक या त्रैमासिक आधार पर ही ली जा सकेगी. मनमाने शुल्क बढ़ाने की शिकायत मिलने पर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय कार्रवाई करेगा.
* जिले की स्थिति
– कुल स्कूल बसें एवं वैन : 996
– फिट वाहन : 940
– अनफिट वाहन : 56
– प्रतिदिन हजारों विद्यार्थी करते हैं सफर
* अधिकारियों की चेतावनी
नई स्कूल बस नीति के तहत परिवहन विभाग की टीमें नियमित निरीक्षण करेंगी. जिन वाहनों में जीपीएस, सीसीटीवी, महिला अटेंडेंट या अन्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जब नई नीति में बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं, तो क्या जिले की सभी स्कूल बसें समय रहते इन नियमों का पालन कर पाएंगी और 56 अनफिट वाहनों पर कब कार्रवाई होगी?





