‘सरकारी’ खाना अब नहीं बिगाड़ेगा सेहत!
सरकारी अस्पतालों में भोजन की गुणवत्ता पर सख्ती

* हर महीने लैब टेस्ट और हर तीन महीने में स्टाफ का हेल्थ चेकअप अनिवार्य
अमरावती /दि.4- सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को अब स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग ने नई और सख्त गाइडलाइन लागू की हैं. मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए अब हर महीने खाद्य सामग्री की लैब जांच, हर तीन महीने में भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण तथा जिला सर्जन, डीन और मेडिकल अधीक्षक द्वारा नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया गया है.
सरकारी अस्पतालों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर लंबे समय से मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतें मिल रही थीं. कई जगह ठंडा भोजन, स्वादहीन खाना, साफ-सफाई की कमी और निम्न गुणवत्ता की दाल, सब्जियां व खाद्य सामग्री पर सवाल उठाए गए थे. इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने यह निर्णय लिया है.नई व्यवस्था के तहत अस्पतालों की रसोई, पेयजल व्यवस्था, खाद्य सामग्री के भंडारण, भोजन तैयार करने और वितरण की पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जाएगी. साथ ही सभी रिकॉर्ड का भी निरीक्षण किया जाएगा.
* इन अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त भोजन
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, उपजिला अस्पताल और ग्रामीण अस्पतालों में भर्ती मरीजों को सरकार की ओर से निःशुल्क नाश्ता, दोपहर का भोजन, शाम का अल्पाहार और रात का भोजन उपलब्ध कराया जाता है.
* नई व्यवस्था की प्रमुख बातें
– हर महीने भोजन के नमूनों की मान्यता प्राप्त लैब में जांच.
– खाद्य सामग्री, तेल, मसालों, पेयजल और पोषण गुणवत्ता की जांच.
– हर तीन महीने में किचन स्टाफ का मेडिकल चेकअप.
– संक्रमण, त्वचा व पेट संबंधी बीमारियों की जांच अनिवार्य.
– ग्लव्स, कैप और एप्रन पहनना होगा अनिवार्य.
– जिला सर्जन, डीन, मेडिकल अधीक्षक और हॉस्पिटल क्वालिटी कंट्रोल कमेटी द्वारा नियमित निरीक्षण.
* जिला अस्पताल में मरीजों को क्या मिलता है?
– सुबह : चाय, दूध, पोहा, उपमा या दलिया
– दोपहर : रोटी, चावल, दाल और सब्जी
– शाम : चाय, बिस्किट व हल्का नाश्ता
– रात : रोटी, चावल, दाल, सब्जी तथा आवश्यकता अनुसार खिचड़ी
* गुणवत्ता की नियमित जांच
मरीजों को परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच की जाती है. अधिकारी प्रतिदिन भोजन का निरीक्षण करते हैं और भोजन बनाने वाले कर्मचारियों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है.
– डॉ. विनोद पवार, जिला सर्जन, अमरावती