बीएचएमएस-सीसीएमपी पंजीकरण के विरोध में आईएमए की हडताल
एमएमसी रजिस्ट्रेशन पर एसोसिएशन का विरोध, डॉक्टरों का प्रदर्शन

अमरावती/दि.4 – इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अमरावती ने बीएचएमएस-सीसीएमपी योग्य डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण देने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है. इस मुद्दे को लेकर आईएमए, महाराष्ट्र राज्य शाखा, एमएआरडी, एएसएमआई तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सा संगठनों ने 4 अगस्त सुबह 6 बजे से 5 अगस्त सुबह 6 बजे तक 24 घंटे की चिकित्सा सेवा बंद रखने की घोषणा की है.
आईएमए ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के माध्यम से अमरावती जिला प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि बीएचएमएस-सीसीएमपी चिकित्सकों को एमएमसी में पंजीकरण देने का प्रस्ताव आधुनिक चिकित्सा पद्धति की गुणवत्ता, वैज्ञानिक आधार और मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है. ज्ञापन में कहा गया है कि इस संबंध में कई बार शासन और संबंधित विभागों को पत्र, निवेदन और प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपनी आपत्तियां दर्ज कराई गईं, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे में सार्वजनिक स्वास्थ्य और साक्ष्य-आधारित आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था की रक्षा के लिए आंदोलन का निर्णय लिया गया है.
आईएमए ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन मरीजों के खिलाफ नहीं, बल्कि मरीजों की सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा चिकित्सा क्षेत्र में वैज्ञानिक और नैतिक मानकों को बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है. संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि बीएचएमएस-सीसीएमपी डॉक्टरों का एमएमसी पंजीकरण शुरू किया जाता है, तो सेवा बंद आंदोलन को अनिश्चितकाल तक जारी रखा जाएगा. आईएमए ने राज्य सरकार से मांग की है कि बीएचएमएस-सीसीएमपी योग्य डॉक्टरों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल में पंजीकरण देने की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और आधुनिक चिकित्सा प्रणाली के मानकों से कोई समझौता न किया जाए.





