बाल न्याय मंडल के सदस्य वासनिक की मानवता

दुर्घटनाग्रस्त पुत्र के मृत्युपरांत नेत्रदान

* अमरावती में बनी मिसाल
* मिर्गी के कारण छत से गिरा था 22 साल का आदेश
अमरावती/दि.4 – हादसों में अपने प्रियजन को खोने के बाद भी मानवीय संवेदना बनाए रखना कदाचित सर्वाधिक दुष्कर कार्य है. फिलहाल अवयव दान सप्ताह शासन और प्रशासन स्तर पर मनाया जा रहा है. ऐसे में अंबानगरी में बतौर बाल न्याय मंडल सदस्य महावीर वासनिक जी ने बडी सदाशयता का परिचय देते हुए अपने पुत्र के निधन पश्चात नेत्रदान का न केवल निर्णय किया, अपितु संबंधित संस्था और जिला अस्पताल के चिकित्सकों को बुलाकर हाथोंहाथ नेत्रदान करवा दिए, ताकि उनके पुत्र आदर्श वासनिक मृत्युपरांत भी किसी के लिए यह दुनिया देख सकेंगे.
* घर में छत से गिरा आदेश
मिली जानकारी के अनुसार आदेश महावीर वासनिक (22) आज पूर्वान्ह 11.30 बजे अपने प्रशांत नगर के पास स्थित निवास पर छत से असंतुलित होकर गिर गए. परिवारजन आदेश को लेकर अस्पताल दौडे. उसे हेडगेवार अस्पताल में भर्ती किया गया. चिकित्सकों ने आदेश को बचाने के सभी प्रयास किए. किंतु चिकित्सकों के प्रयत्न अधूरे रहे. प्राथमिक जानकारी के अनुसार आदेश को मिर्गी का दौरा पडता था. इसी के कारण वह छत से गिर पडा और बुरी तरह जख्मी हो गया था.
* मृत्युपरांत नेत्रदान
जानकारी के अनुसार वासनिक परिवार ने आदेश की स्मृति सदा के लिए संजोने ऐसे दुखद पलों में भी दृढ और मानवीय निर्णय किया. आदेश के नेत्रदान का निर्णय कर हरिना फाउंडेशन और जिला अस्पताल को सूचित किया गया. आनन-फानन में नेत्रदान हेतु चिकित्सकों का दल पहुंचा. आदेश की नेत्रज्योति निकाली गई और आई बैंक में दी गई. आदेश का अंतिम संस्कार आज ही शाम 5 बजे किए जाने की जानकारी पारिवारिक सूत्रों ने दी. इस समय अरुण काले, जीतेंद्र वानखडे, शुभम इंगले, अमन बनसोड, कमलेश शेंडे, हरिना फाउंडेशन के मनोज राठी, कंवरीलाल ओस्तवाल, मनीष सावला, हेडगेवार अस्पताल के डॉ. श्यामसुंदर गिरी, डॉ. अभिजीत बेले, डॉ. संदीप मोरे, डॉ. रोहिणी यादगिरे, जिला सामान्य अस्पताल के डॉ. दीपक पवार, नीलेश ढेंगले आदि मौजूद रहे.

Back to top button