मुथूट फिनकॉर्प प्रकरण में बढ़ा सस्पेंस, अब ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार
17 ग्राहकों की लिखित शिकायतें दर्ज, एसीपी संजय खताले करेंगे जांच

* कथित वित्तीय गड़बड़ी में शाखा प्रबंधक की भूमिका पर उठे सवाल
* किसी का 5 हजार तो किसी का 1 लाख से अधिक फंसा, पुलिस ने जिम्मेदार व्यक्ति को पेश करने के दिए निर्देश
अमरावती/ दि. 5 – शहर के बस डिपो रोड स्थित विमाको टॉवर्स में संचालित मुथूट फिनकॉर्प शाखा में कथित वित्तीय अनियमितताओं और गोल्ड लोन खातों में गड़बड़ी के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है. बड़ी संख्या में ग्राहकों द्वारा अपनी गिरवी रखी गई सोने की ज्वेलरी वापस नहीं मिलने तथा जमा की गई रकम का रिकॉर्ड सिस्टम में नहीं दिखाई देने की शिकायतों के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पूरे प्रकरण की सच्चाई अब मुथूट फिनकॉर्प की ऑडिट रिपोर्ट पर टिकी हुई है. पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक 17 ग्राहकों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराई हैं, जबकि शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है. मामले की जांच एसीपी संजय खताले के मार्गदर्शन में की जाएगी. पुलिस ने कंपनी प्रबंधन से स्पष्ट कहा है कि जिस व्यक्ति की भूमिका इस पूरे प्रकरण में संदिग्ध है, उसे जांच के लिए प्रस्तुत किया जाए.
* शाखा में मचा हड़कंप, ग्राहकों की उमड़ी भीड़
मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्राहक अपने गोल्ड लोन खाते बंद कर गिरवी रखा सोना वापस लेने शाखा पहुंचे. ग्राहकों का आरोप है कि उन्होंने ऋण की पूरी राशि और ब्याज का भुगतान कर दिया, लेकिन कंपनी उनकी ज्वेलरी लौटाने में असमर्थता जता रही है. कई ग्राहकों को यह भी बताया गया कि उनके भुगतान का रिकॉर्ड सिस्टम में दिखाई नहीं दे रहा है. इससे नाराज ग्राहकों ने शाखा में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और बाद में सिटी कोतवाली पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.
* करोड़ों के घोटाले की चर्चा, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं
शहर में कल दिनभर यह चर्चा रही कि शाखा का एक जिम्मेदार अधिकारी करोड़ों रुपये की गड़बड़ी कर फरार हो गया है. हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी प्रकार के करोड़ों रुपये के घोटाले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक घोटाले की कुल राशि का कोई आधिकारिक निर्धारण नहीं हुआ है. शिकायतों के अनुसार किसी ग्राहक के 5 से 10 हजार रुपये अटके हैं तो किसी के लाखों रुपये मूल्य के सोने और भुगतान का मामला लंबित है. वास्तविक वित्तीय नुकसान का आंकड़ा ऑडिट रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगा.
* शाखा प्रबंधक पर संदेह, फरार होने की चर्चा
ग्राहकों और कुछ कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों के केंद्र में शाखा से जुड़े एक अधिकारी का नाम सामने आया है. शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गोल्ड लोन खातों में जमा की गई रकम और भुगतान प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. कुछ शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राहकों से प्राप्त रकम को कंपनी के अधिकृत सिस्टम के बजाय अन्य माध्यमों से प्रोसेस किया गया. हालांकि इन आरोपों की अभी जांच की जा रही है और पुलिस ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही है.
* ऑडिट रिपोर्ट पुलिस आयुक्त को भेजी जाएगी
मुथूट फिनकॉर्प प्रबंधन ने पुलिस को सूचित किया है कि पूरे मामले का विशेष ऑडिट कराया जा रहा है. ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसे पुलिस आयुक्त कार्यालय को भेजा जाएगा, जहां से आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा. पुलिस का मानना है कि ऑडिट रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला तकनीकी त्रुटि, लेखा संबंधी गड़बड़ी, कर्मचारी की व्यक्तिगत करतूत या फिर संगठित वित्तीय अनियमितता का है.
* ग्राहकों के आरोप बेहद गंभीर
शिकायतकर्ता श्याम डेहनकर ने आरोप लगाया कि उन्होंने गोल्ड लोन की पूरी राशि और ब्याज जमा करने के बावजूद अपना सोना वापस नहीं पाया. वहीं एक अन्य शिकायतकर्ता आशीष क्षीरसागर ने दावा किया कि लगभग दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के बाद भी कंपनी उनके भुगतान को स्वीकार नहीं कर रही है. ऐसी कई शिकायतों में ग्राहकों ने भुगतान रसीदें, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज पुलिस को सौंपे हैं.
* आर्थिक अपराध शाखा तक पहुंच सकता है मामला
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यदि ऑडिट रिपोर्ट और दस्तावेजों की जांच में वित्तीय गड़बड़ी, गबन या धोखाधड़ी के स्पष्ट प्रमाण सामने आते हैं तो मामला आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को सौंपा जा सकता है. जांच के दौरान शाखा के वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, कंप्यूटर डेटा, लेन-देन का विवरण और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन पड़ताल की जाएगी.
* ग्राहकों में चिंता, पुलिस ने की संयम बरतने की अपील
फिलहाल शहरभर में इस मामले को लेकर चर्चा का माहौल है. जिन ग्राहकों ने अपना सोना गिरवी रखकर ऋण लिया था या ऋण चुकाने के बाद ज्वेलरी वापस लेने पहुंचे थे, उनमें चिंता और असमंजस की स्थिति बनी हुई है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जिनके पास दस्तावेजी प्रमाण हैं, वे लिखित शिकायत के साथ जांच में सहयोग करें. अधिकारियों का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और उसी आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.





