अमरावती में भारी वाहनों की नई नो-एंट्री के खिलाफ ट्रक मालिकों का आंदोलन

11 अगस्त से अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी

अमरावती/दि.7- अमरावती शहर में भारी वाहनों की आवाजाही पर लागू नई नो-एंट्री व्यवस्था के विरोध में रेत, गिट्टी, बोल्डर और मुरुम परिवहन से जुड़े ट्रक चालक एवं मालिक महासंघ ने आंदोलन का ऐलान किया है. महासंघ ने विभागीय आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर नए आदेश को तत्काल रद्द कर पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है. मांगें नहीं माने जाने पर 11 अगस्त से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की चेतावनी दी गई है.
महासंघ के अध्यक्ष सुनील रामटेके के नेतृत्व में रवि बनसोड, मदन, अशफाक चौधरी, वसीम चौधरी, इमरान, जावेद मांजरे, करीम लालुवाले, अयूब चौधरी, सलमान चौधरी, जावेद चौधरी, अल्विन चौधरी, साहिल चौधरी, अक्षय पिटेकर और इमरान पठाण सहित ट्रक व्यवसायियों ने प्रशासन को बताया कि पहले से लागू नो-एंट्री व्यवस्था व्यवसाय के लिए व्यावहारिक थी, जबकि नई व्यवस्था से परिवहन कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है. महासंघ का कहना है कि शासन की खनन नीति के तहत रॉयल्टी पास और एसएमएस प्रणाली सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक ही उपलब्ध रहती है. ऐसे में केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक परिवहन की अनुमति देने वाला आदेश व्यवहारिक नहीं है. इससे वैध रूप से खनिज सामग्री का परिवहन करना मुश्किल हो जाएगा.
संगठन ने यह भी कहा कि शहर की संकरी गलियों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में निर्माण सामग्री पहुंचानी पड़ती है. रात में मजदूरों की अनुपलब्धता के कारण लोडिंग-अनलोडिंग प्रभावित होगी, वहीं अंधेरे में भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है. महासंघ का दावा है कि नए प्रतिबंध से ट्रक मालिकों, चालकों और इस व्यवसाय पर निर्भर हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है. महासंघ ने प्रशासन से तत्काल पुरानी नो-एंट्री व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 11 अगस्त से जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन शुरू किया जाएगा.

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