एसआईआर अभियान को फिर मिली मोहलत

अब 24 अगस्त को प्रकाशित होगी प्रारूप मतदाता सूची

* 17 अगस्त तक घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ
* दावे-आपत्तियों के लिए मिलेगा एक माह का समय
* अमरावती जिले में 1.36 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित और 1.03 लाख मृत मतदाताओं की पहचान
* 27 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, जिला निर्वाचन विभाग ने दी जानकारी
अमरावती /दि.7- भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अक्तूबर 2026 को अर्हता तिथि मानकर चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) अभियान को एक बार फिर समयवृद्धि प्रदान की गई है. आयोग द्वारा जारी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) 17 अगस्त तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन और गणना पत्रकों का संकलन करेंगे, जबकि जिले की प्रारूप मतदाता सूची 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जाएगी. इस निर्णय से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी, जिनके गणना पत्रक (एन्यूमरेशन फॉर्म) अभी तक जमा नहीं हो पाए हैं अथवा जिनकी जानकारी का डिजिटाइजेशन लंबित है. जिला प्रशासन ने मतदाताओं से इस अतिरिक्त समय का लाभ उठाकर अपनी जानकारी अद्यतन कराने की अपील की है.
* 30 जून से चल रहा है विशेष पुनरीक्षण अभियान
बता दे कि, निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से 30 जून 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू किया था. इसके तहत जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी जुटाई जा रही है. संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब यह प्रक्रिया 17 अगस्त तक जारी रहेगी. इसी अवधि में मतदान केंद्रों का तर्कसंगतीकरण (रैशनलाइजेशन) और पुनर्गठन का कार्य भी पूरा किया जाएगा.
* 24 अगस्त को आएगी प्रारूप मतदाता सूची
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आशीष येरेकर ने बताया कि 17 अगस्त तक प्राप्त सभी गणना पत्रकों का डिजिटाइजेशन पूरा कर 24 अगस्त को जिले के सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे. यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है या उसमें कोई त्रुटि है, तो उसे सुधार का अवसर दिया जाएगा.
* एक माह तक स्वीकार किए जाएंगे दावे और आपत्तियां
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 24 अगस्त से 23 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी. इस अवधि में मतदाता नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकेंगे, नाम हटाने संबंधी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे, पते या अन्य विवरणों में संशोधन करा सकेंगे, किसी त्रुटि के सुधार हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे. प्राप्त दावों और आपत्तियों की जांच के बाद आवश्यक संशोधन किए जाएंगे.
* 27 अक्तूबर को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची
जिलाधिकारी आशीष येरेकर के अनुसार दावे और आपत्तियों के निस्तारण सहित सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद 27 अक्तूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. यह सूची आगामी चुनावों के लिए आधार दस्तावेज के रूप में उपयोग में लाई जाएगी.
* 1.36 लाख मतदाता स्थायी रूप से जिले से बाहर
एसआईआर अभियान के दौरान हुए सत्यापन में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. जिला प्रशासन के अनुसार जिले के मतदाता डेटाबेस की शुद्धता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जो अब जिले में निवास नहीं करते. अब तक के सत्यापन में 1 लाख 36 हजार 508 मतदाता स्थायी रूप से जिले से बाहर स्थानांतरित हो चुके हैं. 1 लाख 3 हजार 402 मतदाताओं का निधन हो चुका है. 42 हजार 217 मतदाताओं से बार-बार प्रयास के बावजूद संपर्क नहीं हो सका. 933 मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गई हैं. प्रशासन के अनुसार इन मामलों की नियमानुसार जांच और प्रक्रिया पूरी की जाएगी. ऐसे नामों को अंतिम सूची से बाहर रखने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि पात्र मतदाताओं को दावा-आपत्ति प्रक्रिया के माध्यम से अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा.
* मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास
निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस विशेष पुनरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से मृत, दोहरे और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाकर उसे अधिक विश्वसनीय बनाना है. साथ ही नए पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करना भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद अपना नाम अवश्य जांचें और किसी भी त्रुटि की स्थिति में निर्धारित समयावधि के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराएं.
* जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में चल रहा है अभियान
अमरावती जिले के धामणगांव रेलवे, बडनेरा, अमरावती, तिवसा, दर्यापुर, मेलघाट, अचलपुर और मोर्शी विधानसभा क्षेत्रों में एसआईआर अभियान जारी है. हजारों बीएलओ और सहायक कर्मचारी मतदाताओं के घर-घर जाकर जानकारी संकलित कर रहे हैं. जिला प्रशासन का दावा है कि संशोधित समय-सीमा के कारण अब अधिकाधिक मतदाताओं को सूची में शामिल करने और शेष जानकारी का सत्यापन पूरा करने में मदद मिलेगी. राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मतदाताओं की निगाहें अब 24 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची पर टिकी हैं, क्योंकि इसी सूची से यह स्पष्ट होगा कि जिले में मतदाताओं की अंतिम संख्या और संरचना में कितना बदलाव हुआ है.

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