उन्होंने अभी तूफान का झटका देखा ही नहीं

नवनीत राणा का अपनी ही पार्टी के पदाधिकारियों को तगडा उत्तर

* सोशल मीडिया पर जारी किया वीडियो
* बीजेपी के अंदरुनी विवाद से बढी सियासी हलचलें
अमरावती/दि.10 – अमरावती जिले की राजनीति में इन दिनों भाजपा के भीतर चल रही खींचतान के बीच पूर्व सांसद और भाजपा नेता नवनीत राणा के सोशल मीडिया पर स्टेटस और वीडियो चर्चा का विषय बने हैं. पूर्व सांसद और बीजेपी नेता राणा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो के जरिए नवनीत राणा ने विरोधियों को इशारों-इशारों में चेतावनी दी है. हालांकि, उनका यह संदेश आखिर किसके लिए है, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. सर्वत्र इसकी जोरदार चर्चा शुरु हो गई है. नवनीत राणा ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हिंदी में कहा, पुराने पेड़ों का मजाक उड़ा रहे थे नए पौधे, इन्होंने अभी तूफानों के झटके नहीं देखे. उनके इस बयान को भाजपा के भीतर उभर रहे नए नेताओं और विरोधी गुट के लिए संकेत माना जा रहा है. अमरावती भाजपा में हाल ही में जिलाध्यक्ष और शहराध्यक्ष पद पर बदलाव, प्रदेश महिला मोर्चे में नई नियुक्तियों तथा वायएसपी विधायक रवि राणा के खिलाफ भाजपा के ही एक गुट की सक्रियता के चलते राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.
* 24 घंटे में दूसरा स्टेटस
इससे पहले नवनीत राणा ने विधायक रवी राणा की तस्वीर के साथ स्टेटस पोस्ट किया था. इसमें उन्होंने लिखा था, दुनिया कहती है खेल बदलना मुश्किल है, लेकिन मैं खेल नहीं, खेल खेलने वाले बदल देता हूं…. इस पोस्ट के बाद भी राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे. अब दूसरे स्टेटस में ‘पुराने पेड़’, ‘नए पौधे’ और ‘तूफान’ का जिक्र किए जाने से अमरावती की सियासत में चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, नवनीत राणा की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि स्टेटस के जरिए वे किसे संदेश देना चाहती हैं.
* नहीं लिया किसी का नाम
नवनीत राणा ने अपने इस स्टेटस में किसी नेता या राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है. इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि उनका निशाना भाजपा के भीतर के नेताओं पर है या फिर विरोधियों पर. हालांकि, विधायक रवी राणा और भाजपा के तीन विधायकों के बीच हाल ही में हुए विवाद के बाद नवनीत राणा की लगातार सामने आ रही सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चाओं को और हवा मिल गई है.
* ‘सांप को सांप कहने की हिम्मत रखती हूं’
नवनीत राणा इससे पहले भी सोशल मीडिया के जरिए विरोधियों को चेतावनी दे चुकी हैं. कुछ दिन पहले जारी एक वीडियो में उन्होंने कहा था, मेरे लहजे पर सवाल मत उठाओ, मैं भरी सभा में सांप को सांप कहने की हिम्मत रखती हूं. उनके इस बयान के बाद भी अमरावती की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था.
* रवि राणा के बयान से बढ़ा था विवाद
दरअसल, कुछ दिनों पहले विधायक रवि राणा ने भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रविराज देशमुख के जन्मदिन समारोह में भाषण देते हुए तिवसा विधानसभा क्षेत्र में बदलाव निश्चित होने और यह बदलाव खुद लाने की बात कही थी. उनके इस बयान पर भाजपा विधायक राजेश वानखड़े ने नाराजगी जताते हुए रवि राणा को अपने पक्ष में हस्तक्षेप नहीं करने की चेतावनी दी थी. इसी बीच राजेश वानखड़े की पत्नी आरती वानखड़े को भाजपा प्रदेश महिला मोर्चा के उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी गई है. भाजपा में चल रही इन राजनीतिक गतिविधियों के बीच नवनीत राणा का पुराने पेड़ और नए पौधे वाला बयान सामने आने से इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं.
* नहीं लिया किसी का नाम
हालांकि, नवनीत राणा ने अपने वीडियो में किसी व्यक्ति या गुट का नाम नहीं लिया है. ऐसे में उनका इशारा आखिर किसकी ओर है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. लेकिन उनके बयान ने अमरावती भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर चर्चाओं को जरूर और हवा दे दी है. पूर्व सांसद राणा ने एक के बाद एक दो बयान और स्टेटस सोशल मीडिया पर लगाए हैं. जिनकी खूब चर्चा हो रही है.
* रवि राणा के दावे के बाद
रवि राणा के इस दावे के बाद भाजपा के तीन विधायकों ने पत्रकार परिषद लेकर उनके बयान का विरोध किया था. भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी उम्मीदवार को टिकट देना या टिकट काटना भाजपा का संसदीय मंडल तय करता है. ऐसे में किसी बाहरी व्यक्ति द्वारा टिकट कटवाने का दावा करना गलत है. भाजपा विधायक राजेश वानखडे ने कहा था कि पार्टी में टिकट देने या काटने का निर्णय वरिष्ठ नेतृत्व करता है. उन्होंने कहा कि बाहरी व्यक्ति को भाजपा की आंतरिक प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए. विधायक प्रताप अडसड ने भी रवी राणा के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उम्मीदवारों के संबंध में अंतिम फैसला भाजपा का संसदीय मंडल करता है. वहीं विधायक प्रवीण पोटे ने भी कहा कि टिकट किसे देना है और किसका टिकट काटना है, यह संसदीय मंडल तय करता है.

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